लखनऊ में साइबर जालसाजों ने बिजली विभाग से रिटायर्ड जेई से 1.17 करोड़ की ठगी कर ली। जालसाजों ने मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर उन्हें 73 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आरोपियों ने खुद को TRAI, CBI और अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताया और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। कल्याणपुर स्थित अवध एन्क्लेव निवासी वीरेंद्र सिंह (71) बिजली विभाग से रिटायर्ड जेई हैं। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को TRAI का अधिकारी संजय शर्मा बताते हुए उन पर सीबीआई के पास मनी लॉन्ड्रिंग की 17 शिकायत दर्ज होने आरोप लगाया। इसके बाद दिल्ली के बाराखंभा पुलिस स्टेशन से जुड़े नंबरों पर संपर्क करने के लिए कहा। जब उन्होंने बताए गए नंबरों पर संपर्क किया तो आरोपियों ने गिरफ्तारी और कार्रवाई का डर दिखाया। उनके झांसे में आकर वीरेंद्र जांच में सहयोग करने को तैयार हो गए। ठगों ने वॉट्सएप पर उनसे निर्दोष होने का पत्र मंगवाया और धीरे-धीरे उनके आधार, पैन, बैंक खाते, निवेश और संपत्ति से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। संपत्ति जब्त करने की धमकी दी इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने खुद को सीबीआई का वरिष्ठ अधिकारी प्रदीप कुमार बताकर वीडियो कॉल के जरिए जांच, खाते फ्रीज करने और संपत्ति जब्त करने की धमकी दी। आरोपियों ने जमानत और क्लियरेंस के नाम पर 16 जनवरी से 27 फरवरी तक चार बार में 1.17 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवाए। इस दौरान पीड़ित को निवेश तोड़ने, सोना गिरवी रखने और परिवार से उधार लेने के लिए भी मजबूर किया गया। ठग लगातार गोपनीयता बनाए रखने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देते रहे। इसके बाद जालसाजों ने निर्दोष घोषित करने और अंतिम जमानत राशि मांगने के बाद संपर्क बंद कर दिया। वीरेंद्र को परेशान देखकर परिवार ने वजह पूछी तब डिजिटल अरेस्ट का पता चला। इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले में इंस्पेक्टर साइबर थाना बृजेश यादव का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके ट्रांजैक्शन चेन देखी जा रही है।

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