लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान प्रेक्षागृह में शनिवार को ‘माई फर्स्ट एनकाउंटर’ नामक व्यंग्यात्मक हास्य नाटक का मंचन किया गया। सांस्कृतिक संस्था सवेरा फाउंडेशन की ओर से प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को हंसी और विचार का अनूठा अनुभव प्रदान किया, जिसने उन्हें शुरुआत से अंत तक बांधे रखा। इस नाटक का लेखन मोहम्मद अनवर बेग ने किया है, जो सामाजिक सच्चाइयों को सहजता से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। नाटक की परिकल्पना और निर्देशन श्रीपाल गौड़ ने किया, जिन्होंने मंच पर कहानी को जीवंत और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कानून-व्यवस्था को मंचन के माध्यम से दिखाया गया यह नाटक ब्लैक कॉमेडी शैली पर आधारित है, जो पुलिस व्यवस्था, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दबाव और ‘एनकाउंटर’ जैसी संवेदनशील प्रक्रिया को व्यंग्यात्मक रूप से दर्शाता है। कहानी एक नव-नियुक्त इंस्पेक्टर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने वरिष्ठ अधिकारियों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए एक बड़े अपराधी का एनकाउंटर करने का प्रयास करता है। परिस्थितियों के कारण, वह एक छोटे चोर को ही बड़ा अपराधी साबित करने की योजना बनाता है। यहीं से घटनाओं में हास्य और व्यंग्य का सिलसिला शुरू होता है, जो दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ सोचने पर भी विवश करता है।नाटक यह संदेश देता है कि गलत दिशा में उठाया गया कदम अंततः स्वयं के लिए ही कठिनाइयाँ उत्पन्न करता है। कहानी के अंत में इंस्पेक्टर को अपनी गलती का एहसास होता है और वह सही मार्ग चुनने का निर्णय लेता है। कलाकारों ने दमदार अभिनय से मनोरंजन कराया मंच पर अनुभवी और युवा कलाकारों के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला। अभिषेक सिंह, संतोष प्रजापति, अजय कुमार, तरुण यादव, माही, ओमकार पुष्कर और मंजीत मौर्य सहित सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। यह नाटक केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज और पुलिस व्यवस्था को आत्ममंथन का महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।

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