लखनऊ में जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर मर्चेंट नेवी नाविकों को श्रद्धांजलि दी गई। मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय मर्चेंट नेवी नाविकों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा हुई । जिसमें सामाजिक संगठनों के साथ समुद्री क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने मृतक नाविकों को श्रद्धांजलि अर्पित की उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
इस दौरान रोहित रमवापुरी ने कहा कि मर्चेंट नेवी के नाविक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन संकट के समय इन्हें वह सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल पाता जिसके वे हकदार हैं। सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। अखिल भारतीय संगठन के आलोक चांटिया ने कहा कि यह केवल एक समुद्री हादसा नहीं बल्कि एक मानवीय संकट है। मृत नाविकों के परिवारों को आर्थिक सहायता, शिक्षा और रोजगार की गारंटी मिलनी चाहिए। सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना होगा। कैप्टन हैदर ने अपने वक्तव्य में कहा कि मध्य पूर्व एशिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में मर्चेंट नेवी कर्मियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट और सख्त प्रोटोकॉल होना चाहिए। बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के जहाजों को भेजना नाविकों के जीवन के साथ जोखिम है। सरकार से मांग किया कि मृत नाविकों के पार्थिव शरीरों को शीघ्र भारत लाया जाए तथा उनका अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ किया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा, बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा , आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

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