लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक से लोन निकालने वाले गिरोह के एक और शातिर सदस्य को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से पुलिस से बचता फिर रहा था। पुलिस के मुताबिक, 18 अगस्त 2022 को पीड़ित अकुर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके खाते से बिना जानकारी के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से लोन स्वीकृत कराकर रकम निकाल ली गई। इस मामले में हजरतगंज थाने में धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। फर्जी दस्तावेज तैयार करता था आरोपी जांच के दौरान पुलिस पहले ही गिरोह के दो सदस्य फिदा मिर्जा और विकास कुरील को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं मुख्य आरोपी विवेक मिश्रा फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट भी जारी हुआ था। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। आखिरकार पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार को दुबग्गा चौराहे के पास से विवेक मिश्रा (37) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार करता था और बैंकों से लोन पास कराकर रकम आपस में बांट लेते थे। लोन पास कराकर रकम आपस में बांट लेते हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी लखनऊ के अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। फिलहाल उसे कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गिरोह लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था, फिर बैंक से लोन स्वीकृत कराकर रकम निकाल लेता था। पीड़ित को इसकी जानकारी तक नहीं होती थी।

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