लखनऊ के डालीगंज स्थित बौद्ध पार्क में महावीर जयंती का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में जैन समाज के लोगों ने बढ़चढकर हिस्सा लिया। भगवान महावीर का 2625 वां जन्म कल्याणक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरी और भगवान की भव्य पालकी एवं शोभायात्रा से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के माध्यम से ‘जियो और जीने दो’ का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रोचारण से हुआ। इसके बाद भगवान महावीर का जल से अभिषेक (शांतिधारा) किया गया। पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ भगवान महावीर की जयकारा लगाई। इस दौरान जियो और जीने दो’ ‘अहिंसा परमो धर्म’ का संदेश दिया गया। साथ ही सत्य, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य के सिद्धांतों को अपनाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि ये शिक्षाएं आज भी समाज और मानवता के लिए बेहद जरुरी है। ‘अहिंसा परमो धर्म:’ का संदेश दिया आदेश जैन ने कहा कि आज पूरा विश्व महावीर जयंती मना रहा है। भगवान महावीर का मुख्य संदेश अहिंसा, सत्य, अस्तेय (चोरी न करना), ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह (संग्रह न करना) पर आधारित हैं। उनका सबसे प्रमुख नारा ‘अहिंसा परमो धर्म:’ है। अगर इसे अपना लिया जाए तो भारत समेत पूरे विश्व में शांति होगी। दुनिया में अपराध और अशांति का माहौल खत्म हो जाएगा। आज के कार्यक्रम से हम लोग सब को यही संदेश दे रहे हैं ‘जिओ और जीने दो’। भगवान महावीर के संदेश से विश्व में शांति आएगी लखनऊ के जिस पार्क में महावीर जयंती मनाई जा रही है देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के माध्यम से यह जैन समाज को भेंट स्वरूप मिला था। भगवान महावीर के द्वारा सभी समुदाय , दल और व्यक्ति के लिए खुले हैं जो भी उनकी शरण में आता है वह मानवता का संदेश लेकर जाता है। आज जहां पूरे विश्व में युद्ध जैसे हालात है लड़ाइयां हो रही है ऐसे में जैन धर्म विश्व शांति की अपील करता है और भगवान महावीर के संदेश लोगों तक पहुंचना बेहद जरूरी है।

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