लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर दंपति से 12.90 लाख रुपए ठग लिए। आरोपियों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी गतिविधियों में फंसाने की धमकी दी और तीन दिन तक व्हाट्सऐप वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा। घबराए दंपति ने एफडी तुड़वाकर रकम ट्रांसफर कर दी। सी- ब्लॉक इंदिरा नगर निवासी डॉ. सौरभ तिवारी ने बताया 16 मार्च को उनकी माता गीता तिवारी के पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। इसके बाद दूसरे नंबर से व्हाट्सऐप वीडियो कॉल की गई। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार और बैंक खाते का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हुआ है। ठगों ने उनके पिता महेश चंद्र तिवारी को भी कॉल पर लेकर कहा कि जांच चल रही है और जब तक जांच पूरी नहीं होती किसी से बात नहीं करेंगे। साथ ही धमकी दी गई कि किसी जानकारी साझा करने पर तुरंत गिरफ्तारी हो जाएगी। 3 दिन तक कैमरा ऑन रखने को किया मजबूर आरोपियों ने दंपति को एक ही जगह बैठने और मोबाइल कैमरा लगातार ऑन रखने के लिए मजबूर किया। 16 मार्च दोपहर 3:25 बजे से 18 मार्च रात 8:30 बजे तक उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा गया। बैंक जाने के दौरान भी कॉल चालू रखने को कहा गया।
ठगों ने परिवार के अन्य सदस्यों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर दंपती को पूरी तरह डरा दिया। एफडी तुड़वाकर ट्रांसफर कराए 12.90 लाख जालसाजों से घबराए महेश चंद्र तिवारी ने अपने यूनियन बैंक खाते से फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाकर 17 मार्च को 12.90 लाख रुपए कर्नाटक के एक बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।
दंपति के घबरा चेहरे को देखकर बेटे ने वजह पूछी तब घटना की जानकारी हुई
पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। मामले में साइबर थाना इंस्पेक्टर बृजेश यादव का कहना है मुकदमा दर्ज करके ठगों के नंबर और बैंक खातों के आधार पर जांच कर रही है।

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