लखनऊ में ट्रांसजेंडर पर्सन्स अमेंडमेंट बिल 2026 के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन। LGBTQIA कम्युनिटी का बिल के खिलाफ प्रदर्शन। बेगम हजरत महल पार्क से विधानसभा की ओर बढ़े ट्रांस जेंडर। ‘काला बिल वापस लो, , ‘मेरी बॉडी मेरी मर्जी’ के नारे लगे। आक्रोशित ट्रांसजेंडर जमकर हंगामा और नारेबाजी कर रहे हैं हाथों में पोस्टर लेकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे है। शांतम निधि ने कहा नए ट्रांसजेंडर विधेयक में ‘ट्रांसजेंडर’ की परिभाषा को सीमित किया गया है। इसलिए हम इसका विरोध करते हैं । इसमें कहा गया है कि जो लोग अपनी यौन अभिवृत्ति (सेक्सुअल ओरिएंटेशन) या अपनी पहचान (जेंडर आइडेंटिटी) को खुद महसूस करते हैं, उन्हें ट्रांसजेंडर नहीं माना जाएगा। इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपनी यौन अभिवृत्ति या जेंडर आइडेंटिटी को खुद तय करता है, तो उसे ट्रांसजेंडर नहीं माना जाएगा। इसका मतलब है कि ट्रांसजेंडर की परिभाषा अब केवल कुछ खास लोगों तक सीमित कर दी गई है। जो पहले से ही इस श्रेणी में आते हैं। ऐसे में खुद को ट्रांसजेंडर मानने वाले लाखों लोग इस कैटेगरी से बाहर हो जाएंगे, ये LGBTQIA समुदाय के खिलाफ गहरी साजिश है, इसीलिए इस विधेयक का विरोध हो रहा है।

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