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लखनऊ में खाने-पीने के सामान के दाम 20% तक बढ़े:7 मार्च से कॉमर्शियल सिलेंडर की किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट का काम प्रभावित


                 लखनऊ में खाने-पीने के सामान के दाम 20% तक बढ़े:7 मार्च से कॉमर्शियल सिलेंडर की किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट का काम प्रभावित

लखनऊ में खाने-पीने के सामान के दाम 20% तक बढ़े:7 मार्च से कॉमर्शियल सिलेंडर की किल्लत, होटल-रेस्टोरेंट का काम प्रभावित

लखनऊ में कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की लगातार किल्लत से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार प्रभावित हो रहा है। बीते कई हफ्तों से गैस आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के चलते कारोबारियों ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं अपनानी शुरू कर दी हैं। इससे खाने-पीने की चीजों के दाम 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। हालांकि, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने पूरे प्रदेश में गैस और ईंधन की आपूर्ति सामान्य होने का दावा किया है। 7 मार्च से शुरू हुई दिक्कत लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में 7 मार्च से कॉमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत सामने आने लगी थी। गैस एजेंसियों की ओर से समय-समय पर पर्याप्त स्टॉक होने के दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति सुधरती नजर नहीं आई। कारोबारियों का कहना है कि उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे रोजमर्रा के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन की नई व्यवस्था से एजेंसियों पर बढ़ा दबाव जिला प्रशासन ने व्यवस्था लागू की कि गैस बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को सीधे घर पर डिलीवरी दी जाएगी। एजेंसियों पर लाइन नहीं लगेगी। इस फैसले के बाद वितरण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया, जिससे आपूर्ति और धीमी हो गई। इसका असर खासतौर पर कॉमर्शियल उपभोक्ताओं पर पड़ा है। स्थानीय कारोबारियों का आरोप है कि सिलेंडरों की कमी के बीच कालाबाजारी भी बढ़ी है। कई जगहों पर तय दर से अधिक कीमत पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 15-20% तक बढ़े खाने के दाम, ग्राहकों पर सीधा असर गैस संकट का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों ने बढ़ती लागत को देखते हुए खाने-पीने की चीजों के दाम 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं। इससे आम उपभोक्ता भी महंगाई की मार झेल रहा है। IOCL का दावा- प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और LPG की आपूर्ति सामान्य इस पूरे मामले पर IOCL ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीज़ल और LPG की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है। कंपनी के अनुसार, रिटेल आउटलेट्स, डिपो और टर्मिनलों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और कहीं भी आपूर्ति में बाधा नहीं है। 570 निरीक्षण में 18 अनियमितताएं मिलीं IOCL के मुताबिक, हाल के दिनों में कुछ इलाकों में घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) के कारण मांग में अस्थायी उछाल आया था, जिससे स्थिति प्रभावित हुई। कंपनी ने बताया कि निगरानी के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं और अब तक 570 निरीक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें 18 मामलों में अनियमितताएं पाई गई हैं। इन पर कार्रवाई की जा रही है। IOCL ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराकर अतिरिक्त खरीदारी या जमाखोरी न करें। कंपनी का कहना है कि आपूर्ति पूरी तरह सुचारु है और सभी उपभोक्ताओं की जरूरतों को समय पर पूरा किया जा रहा है। गैस एजेंसी के स्टेट कोऑर्डिनेटर संजय भंडारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीज़ल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता है। आपूर्ति पूरी तरह सुचारु है और कहीं कोई कमी नहीं है। पैनिक बाइंग से मांग बढ़ी थी, जो अब सामान्य हो गई है। उपभोक्ता घबराकर खरीदारी या जमाखोरी न करें, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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