लखनऊ में शराब कारोबारी मनीष जायसवाल के कर्मचारी हर्ष से दस लाख की लूट करने वाले बदमाश पूरी प्लानिंग से आए थे। घटना में प्रयोग की गई बदमाशों की दोनों बाइक पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक की गई छानबीन और जांच में इस बात का पता चला है कि लुटेरों को कोई हर्ष के मूवमेंट की जानकारी दे रहा था।सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस को लुटेरों के भागने का रूट मिला है। लुटेरों की आखिरी फुटेज दुबग्गा रोड पर मिली है। बदमाशों की बाइक पर नंबर प्लेट नहीं लगा था। पुलिस की टीम ने कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया है। हालांकि अभी तक कोई खास सफलता पुलिस के हाथ नहीं लगी है। लखनऊ के खदरा इलाके में शराब कारोबारी के कलेक्शन एजेंट से 10 लाख रुपए की लूट हुई थी। हैरानी की बात यह है कि बदमाश वारदात से करीब 15 मिनट पहले ही मौके पर पहुंच गए थे। CCTV में दिखे संदिग्ध इधर, हर्ष जायसवाल बुधवार रात रोज की तरह 11 मॉडल शॉप से कैश लेकर मालिक मनीष के घर जा रहा था। रात करीब 11:15 बजे जैसे ही वह तरन्नुम मार्केट वाली गली में पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे चार नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोक लिया। बदमाशों ने असलहा दिखाकर हर्ष का बैग छीन लिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की और पीठ में चाकू मारकर घायल कर दिया। बदमाश इलाके की रेकी करते हुए और भागते हुए CCTV कैमरों में कैद हुए हैं। पुराने अपराधियों पर पुलिस की नजर मामले की जांच के लिए डीसीपी सेंट्रल की क्राइम ब्रांच समेत चार टीमें लगाई गई हैं। पुलिस पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड खंगाल रही है और पीड़ित को संदिग्धों की तस्वीरें दिखाकर पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। इंस्पेक्टर मदेयगंज अंजनी सिंह ने बताया- बदमाशों की तलाश के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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