उत्तर प्रदेश एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी नेपाल भागने की फिराक में चारबाग रेलवे स्टेशन के पास छिपे हुए थे। एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ में 23 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के थाना-नायगांव (जिला मिरा-भाईंदर, वसई) से सहायक पुलिस निरीक्षक यशपाल सूर्यवंशी, आरक्षी जयंत खांडवी और चेतन ठाकरे पहुंचे। उन्होंने मु0अ0सं0-135/2026, धारा 8 (C), 21 (B), 29 एनडीपीएस एक्ट में वांछित ड्रग तस्कर भावेश चौहान और शोएब अशरफ के लखनऊ में छिपे होने की सूचना दी और गिरफ्तारी के लिए सहयोग मांगा। इस पर पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ धर्मेश कुमार शाही के निर्देशन में टीम गठित की गई। एसटीएफ टीम लखनऊ में संदिग्धों की तलाश में जुटी थी, तभी सूचना मिली कि दोनों आरोपी चारबाग रेलवे स्टेशन के टेम्पो स्टैंड के पास मौजूद हैं और भागने की फिराक में हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एसटीएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं। गिरोह बाजार में उपलब्ध केमिकल से ब्राउन शुगर तैयार कर सप्लाई करता था। आरोपी पिछले 4-5 साल से इस धंधे में सक्रिय थे। उन्होंने बताया कि 5 फरवरी 2026 को वसई-विरार मिरा-भाईंदर क्षेत्र में माल पकड़े जाने के बाद वे मुंबई से फरार हो गए थे और लखनऊ के रास्ते नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

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