लखनऊ हिन्दी संस्थान में पुस्तक का विमोचन। धन सिंह मेहता ‘अनजान’ की पुस्तक “एवमस्तु” ( सुन्दरकाण्ड का सरल सार ) का विमोचन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में साहित्यकारों और पुस्तक प्रेमियों ने हिस्सा लिया। विमोचन समारोह की अध्यक्षता प्रोफेसर उषा सिन्हा ने की। आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में डाँ. हरिशंकर मिश्र , डाँ.चन्द्रमोहन नौटियाल और नाट्य निर्देशक ललित सिंह पोखरिया शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सरोज खुल्वै ने माँ की आराधना से की। पुस्तक के मुख पृष्ठ चित्राकंन के लिए अमन नाग, प्रूफ रीडिंग के लिए गिरीश उपाध्याय और मंजू बिष्ट को संस्था द्वारा सम्मानित किया गया । डाँक्टर हरिशंकर मिश्र ने कहा कि धन सिंह मेहता ‘अनजान’ की जितनी भी प्रशंसा करें वह कम है । इस पुस्तक में श्रम अनजान ने जो किया है हिन्दी साहित्य जगत उसका मूल्यांकन जरूर करेगा। डाँक्टर चन्द्र मोहन नौटियाल ने कहा कि ‘एवमस्तु’ सरल भाषा व आधुनिक समय के अनुसार लिखी गई पुस्तक है। किताब की भाषा और लिखने से बिल्कुल स्पष्ट होता है कि पुस्तक काफी मेहनत व अध्ययन के बाद लिखी गई है। प्रोफेसर उषा सिन्हा ने कहा अनजान की पुस्तक उनके अथक परिश्रम का परिणाम तो है ही यह पुस्तक अत्यधिक अध्ययन व शोध के बाद लिखी गई है। इस किताब से साहित्य प्रेमियों को जरूर लाभ मिलेगा और बहुत कुछ नया सीखने को मिलेगा। पुस्तक के लेखक अनजान ने कहा कि यह सब ज्ञानियों के साथ का परिणाम है। अच्छे मित्रों की मित्रता के फल स्वरुप हमें अच्छा साहित्य पढ़ने और लिखने को मिलता है । दोस्तों ने हमेशा उत्साह बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि हम अपने मित्र सर्कल में साहित्य से प्रेम करने वाले लोगों को प्राथमिकता दें।

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