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लखनऊ में एक करोड़ के प्लाट की हुई फर्जी रजिस्ट्री:जनता अदालत में बोला पीड़ित, 6 बैंक से लोन लेकर बनवाया घर, अब घर तोड़ने का आदेश


                 लखनऊ में एक करोड़ के प्लाट की हुई फर्जी रजिस्ट्री:जनता अदालत में बोला पीड़ित, 6 बैंक से लोन लेकर बनवाया घर, अब घर तोड़ने का आदेश

लखनऊ में एक करोड़ के प्लाट की हुई फर्जी रजिस्ट्री:जनता अदालत में बोला पीड़ित, 6 बैंक से लोन लेकर बनवाया घर, अब घर तोड़ने का आदेश

लखनऊ की कानपुर रोड योजना कॉलोनी में एक प्लॉट को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सात बार खरीद-फरोख्त के बाद 13 साल में यह खुलासा हुआ कि प्लॉट की पहली रजिस्ट्री ही फर्जी थी। अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने मौजूदा मालिक की रजिस्ट्री निरस्त कर घर तोड़ने का आदेश जारी कर दिया है। मामला गुरुवार को एलडीए में आयोजित जनता अदालत में उठा, जहां पीड़ित विवेक वर्मा अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के सामने पूरी आपबीती रखी। 1 करोड़ का लोन लेकर खरीदा था प्लॉट विवेक वर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2022 में एलडीए की निवासी अमरजीत कौर से यह प्लॉट 1.13 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके लिए उन्होंने करीब 1 करोड़ रुपए का बैंक लोन भी लिया। खरीद के बाद जब उन्होंने निर्माण शुरू किया तो एलडीए की ओर से नोटिस मिला। नोटिस के बाद जांच में सामने आया कि जिस प्लॉट की उन्होंने रजिस्ट्री कराई है, उसकी मूल यानी पहली रजिस्ट्री ही फर्जी है। 7 बार हो चुकी थी खरीद-फरोख्त पीड़ित के अनुसार, इस प्लॉट की पहली रजिस्ट्री वर्ष 2011 में हुई थी, जबकि मूल अलॉटमेंट 1987 का है। इसके बाद यह प्लॉट लगातार हाथ बदलता रहा और कुल सात बार इसकी रजिस्ट्री हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि इतने वर्षों तक किसी स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा नहीं हुआ। अब रजिस्ट्री कैंसिल, तोड़ने का आदेश विवेक का आरोप है कि एलडीए ने उनकी रजिस्ट्री को निरस्त कर दिया है और मकान तोड़ने का आदेश भी जारी कर दिया है। इतना ही नहीं, प्राधिकरण अब उसी प्लॉट की दोबारा रजिस्ट्री करने की प्रक्रिया भी शुरू कर रहा है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर वह हाईकोर्ट तक जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद एलडीए सिविल कोर्ट में पैरवी कर रहा है। ढाई साल से भटक रहे, गवाह भी मुकरे पीड़ित ने बताया कि वह पिछले ढाई साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इस मामले में पहले की रजिस्ट्रियों में शामिल गवाह भी अब अपने बयान से मुकर गए हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। जनता अदालत में उठी शिकायत जनता की समस्याएं सुनने के लिए आयोजित इस अदालत में अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, संयुक्त सचिव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मामले को देखने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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