फिल्म सोसायटी ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश टूरिज्म के सहयोग में आयोजित इस कॉन्क्लेव में फिल्म जगत की कई हस्तियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण देश के 11 राज्यों से आईं लगभग 150 फिल्मों का प्रदर्शन रहा, जिनमें विभिन्न शैलियों की फिल्में शामिल थीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सिनेमा ने भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सुधरती कानून-व्यवस्था और बढ़ती आय के कारण फिल्म निर्माण के लिए बेहतर माहौल बन रहा है। प्रदेश फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा केंद्र पाठक ने नोएडा में बन रही फिल्म सिटी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे फिल्म निर्माण की लागत कम होगी और प्रदेश फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा केंद्र बन सकता है।कॉन्क्लेव में आदित्य श्रीवास्तव, राजेश जैस, ज़ाकिर हुसैन, मीनाक्षी दीक्षित और धीरज सिंह सहित कई कलाकारों और विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। इन कलाकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उत्तर प्रदेश को फिल्म निर्माण के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बताया। फिल्म सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रमेश मिश्र ने कहा कि प्रदेश में फिल्म निर्माण के असीम अवसर हैं और यह कॉन्क्लेव एक नई शुरुआत साबित होगा। अभिनेता आदित्य श्रीवास्तव ने इसे कलाकारों के लिए नए आयाम खोलने वाला मंच बताया, जबकि अभिनेत्री मीनाक्षी दीक्षित ने कहा कि प्रदेश के कलाकारों को अब बेहतर मौके मिल रहे हैं। सिनेमा शहर की संस्कृति को आगे बढ़ाने का माध्यम फिल्म लेखक-निर्माता अमित आर्यन ने उत्तर प्रदेश को प्रतिभाओं की धरती बताया। फिल्म निर्माता सोहन मास्टर ने फिल्म इंडस्ट्री को अन्य उद्योगों की तरह बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। अभिनेता राजेश जैस ने कहा कि सिनेमा किसी भी शहर की संस्कृति को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है, जिससे पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।पूर्व डीजीपी एवं समन्वयक सूर्यकुमार शुक्ल ने जानकारी दी कि राम मंदिर निर्माण पर आधारित फिल्म ‘साकेत’ की शूटिंग लखनऊ में हुई है।

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