परिवहन निगम की ओर से संविदा बस चालकों की भर्ती के लिए लगाया गया तीन दिवसीय रोजगार मेला उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। 250 पदों को भरने के लक्ष्य के साथ शुरू हुई इस प्रक्रिया में तीन दिन बाद भी 100 का आंकड़ा पार नहीं हो पाया। भर्ती के अंतिम दिन 20 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिससे कुल चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 68 पर सिमट गई। तीन दिन का पूरा आंकड़ा भर्ती के पहले दिन 30 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, जिनमें से 27 योग्य पाए गए और चयनित हुए। दूसरे दिन 23 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 21 का चयन हुआ। वहीं तीसरे और अंतिम दिन 22 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, एक अभ्यर्थी दस्तावेजों में खारिज हुआ और एक अनुपस्थित रहा, जबकि 20 अभ्यर्थी टेस्ट पास कर सके। लक्ष्य से काफी पीछे रह गई भर्ती परिवहन निगम ने लखनऊ परिक्षेत्र में 250 संविदा चालकों की भर्ती का लक्ष्य रखा था, लेकिन तीन दिन में केवल 68 चयन ही हो सके। यानी भर्ती प्रक्रिया अपने लक्ष्य के आधे तक भी नहीं पहुंच पाई, जिससे विभाग की योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कम अभ्यर्थी बने बड़ी वजह अधिकारियों के मुताबिक, भर्ती में सफलता दर अच्छी रही, लेकिन सबसे बड़ी समस्या कम संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने की रही। साथ ही सख्त दस्तावेज सत्यापन और ड्राइविंग ट्रायल प्रक्रिया के चलते भी कई उम्मीदवार बाहर हो गए, जिससे कुल चयन संख्या प्रभावित हुई। बढ़ाई गई थी भर्ती संख्या क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय के अनुसार, परिवहन निगम ने शुरुआत में करीब 100 चालकों की भर्ती की योजना बनाई थी, लेकिन भविष्य में बसों की संख्या बढ़ने को देखते हुए इसे बढ़ाकर 250 कर दिया गया था। उद्देश्य था कि अतिरिक्त चालक पहले से तैयार रखे जाएं, लेकिन भर्ती में कम भागीदारी के चलते यह योजना पूरी नहीं हो सकी। आगे भी बनी रहेगी चुनौती भर्ती प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब परिवहन निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती खाली पदों को भरने की है। ऐसे में आने वाले समय में फिर से भर्ती अभियान चलाने की जरूरत पड़ सकती है, ताकि बस संचालन प्रभावित न हो।

Leave a Reply