हरियाणा के झज्जर जिले में दिल्ली सीमा के पास रेलवे ट्रैक पर रील बनाना के दौरान दो युवक बरेली एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौके पर मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि एक युवक के शरीर के कई टुकड़े हो गए, जिन्हें समेटने में पुलिस को करीब पांच घंटे लगे। घटना की सूचना मिलते ही बिहार के बेतिया स्थित उनके गांव में कोहराम मच गया। मृतकों की पहचान पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बथना पंचायत के वार्ड नंबर-7 निवासी स्वर्गीय नंदलाल ठाकुर के 18 वर्षीय बेटे रोहित कुमार और उसके भाई के साले 20 वर्षीय राहुल के रूप में हुई है। दोनों आपस में जीजा-साले थे और रोजगार के सिलसिले में हरियाणा के बहादुरगढ़ में सैलून चलाते थे। रोहित टीकरी बॉर्डर के पास किराए के मकान में रहता था, जबकि राहुल हाल ही में गांव से बहादुरगढ़ लौटा था। वह छह दिन पहले ही अपनी बहन की शादी कराकर वापस आया था। सैलून से रील बनाने के लिए निकले थे पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम दोनों युवक खाली समय में रेलवे ट्रैक पर मोबाइल रील बनाने की बात कहकर सैलून से निकले थे। शाम करीब साढ़े चार बजे दिल्ली सीमा के पास बहादुरगढ़ क्षेत्र में वे रेलवे ट्रैक पर रील बना रहे थे। तभी तेज रफ्तार बरेली एक्सप्रेस ट्रेन वहां पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन की गति काफी तेज थी और दोनों को इसके आने की भनक तक नहीं लगी। ट्रेन की चपेट में आते ही दोनों युवक हवा में उछलकर दूर जा गिरे। हादसे में राहुल का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया और उसके शव के छोटे-छोटे टुकड़े रेलवे ट्रैक पर दूर-दूर तक बिखर गए। रोहित के भी हाथ और शरीर के अन्य हिस्से कट गए थे। कपड़ों से हुई दोनों की पहचान सूचना मिलते ही जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और देर रात तक टॉर्च की रोशनी में शव के टुकड़े समेटे। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के दौरान परिजनों को शव के टुकड़े दिखाए गए, जिससे वे सहम उठे। कपड़ों और सामान के आधार पर ही शिनाख्त हो सकी। घटना के बाद बथना गांव में शोक की लहर है।
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