रेप के दोषी को 10 साल की सजा:हापुड़ में अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) की अदालत ने सुनाई सजा
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रेप के दोषी को 10 साल की सजा:हापुड़ में अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) की अदालत ने सुनाई सजा
हापुड़ में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी रितिक उर्फ ऋतिक को अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत ने 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर कुल 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि यह घटना 17 जुलाई 2020 की है। गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के मुकीमपुर गांव निवासी रितिक उर्फ ऋतिक ने धौलाना थाना क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पीड़िता की मां ने धौलाना थाने में अपनी बेटी के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कई जगह तलाश करने के बाद भी किशोरी का पता नहीं चला। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी रितिक उर्फ ऋतिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग किशोरी को भी बरामद कर लिया। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363 (अपहरण), 376 (दुष्कर्म) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में हुई। सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने आरोपी रितिक उर्फ ऋतिक को IPC की धारा 363 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत उसे 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि आरोपी द्वारा अदा किया गया समस्त अर्थदंड पीड़िता को प्रतिकर (मुआवजे) के रूप में दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत पीड़िता के पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 1,00,000 रुपये की अतिरिक्त प्रतिकर राशि भी प्रदान की जाएगी।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
