जालौन के उरई पहुंची समाजवादी महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष रुक्मिणी देवी निषाद ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि संजय निषाद “घड़ियाली आंसू बहाने वाले” नेता हैं और लंबे समय से निषाद समाज को ठगने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संजय निषाद को समाज की चिंता है तो वह किसी भी तरह समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। रुक्मिणी देवी ने समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सराहना करते हुए कहा कि सपा ने हमेशा निषाद समाज के हित में काम किया है। उन्होंने याद दिलाया कि गोरखपुर लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने डॉ. संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद को जिताने के लिए पूरी ताकत लगाई थी, जिसके चलते वह सांसद बने। इसके बावजूद “बाप-बेटे सपा छोड़कर चले गए,” जिसे उन्होंने समाज के साथ विश्वासघात बताया।
अखिलेश यादव के सीएम बनाने की अपील करेंगी
रुक्मिणी देवी ने जालौन से अपने भावनात्मक जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जालौन उनका मायका और जन्मभूमि है, इसलिए यहां की जनता, खासकर माताएं-बहनें और युवा, उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने फूलन देवी को आगे बढ़ाया और सम्मान दिया, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्हें भी सपा में सम्मान मिला है। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह घर-घर जाकर महिलाओं और समाज के लोगों से अपील करेंगी कि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया जाए। उनका दावा है कि गरीब और शोषित वर्ग समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा होगा। कहा- संजय निषाद केवल बयानबाजी करते हैं
फूलन देवी की प्रतिमा को लेकर भी उन्होंने संजय निषाद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रतिमा लगाने का काम संजय निषाद ने नहीं, बल्कि मुकेश साहनी और समाजवादी पार्टी के सहयोग से पूरा हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समाज के मुद्दों पर संजय निषाद केवल बयानबाजी करते हैं, जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं करते। रुक्मिणी देवी ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि “अखिलेश निषाद” नाम के युवक की मृत्यु के बाद भी संजय निषाद उसके घर तक नहीं पहुंचे, जबकि परिवार आज भी दुख में है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में संजय निषाद समाज के हितैषी कैसे हो सकते हैं। बोलीं- यदुनंदन लाल पर कार्रवाई होनी चाहिए
वहीं, प्रदेश सचिव यदुनंदन लाल द्वारा भगवान श्रीराम और माता कौशल्या पर की गई कथित टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “भगवान के प्रति इस तरह की बातों से समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार के अत्याचार या अपमान को छिपाएं नहीं, बल्कि सामने आकर आवाज उठाएं। अंत में रुक्मिणी देवी ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के लिए हर संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह “खून बहाने से भी पीछे नहीं हटेंगी,” और समाज के अधिकारों के लिए लगातार लड़ती रहेंगी।

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