![]()
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 11 बजे पहुंचेगी राम नगरी:नवरात्रि के पहले दिन करेंगी श्रीराम यंत्र का पूजन, वीआईपी पास से नहीं होगी एंट्री
चैत्र नवरात्र के पहले दिन गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या पहुंचेंगी। वह सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक राम नगरी में रहेंगी। राष्ट्रपति सुबह 11 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति का काफिला एयरपोर्ट से सीधे एनएच-27 के रास्ते सुबह 11:30 बजे राममंदिर पहुंचेगा। वह राममंदिर में सप्त मंडपम का भी दर्शन करेंगी। इसके साथ माता शबरी के मंदिर में विशेष पूजन करेंगी। इसके बाद वह राममंदिर में रामलला के दर्शन कर उनकी आरती उतारेंगी। फिर परकोटे के दुर्गा माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर लिफ्ट से जाकर राम परिवार का दर्शन करेंगी। इसके बाद दूसरे फ्लोर पर श्रीराम यंत्र स्थापना के पूजन में शामिल होंगी। फिर 12:45 बजे समारोह के मंच पर उनका पदार्पण होगा। राष्ट्रपति का दौरा इसलिए भी खास है, क्योंकि 19 मार्च को हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहा है, उसी दिन द्रौपदी मुर्मू रामनगरी पहुंचेंगी। इस मौके पर वे राममंदिर परिसर में श्रीरामयंत्र स्थापित करेंगी। राम मंदिर के दूसरे फ्लोर पर स्थापित होगा यंत्र
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में स्थापित किए जाने वाले दिव्य श्रीराम यंत्र को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। प्राण-प्रतिष्ठित इस यंत्र का पूजन रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ ही नियमित रूप से राम मंदिर में किया जा रहा है। आज इसे औपचारिक रूप से मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित किया जाएगा। यंत्र 150 किलो वजनी, सोने की परत चढ़ी है
करीब 150 किलोग्राम वजन वाले इस श्रीराम यंत्र पर सोने की परत चढ़ाई गई है। इसे कांचीपुरम मठ के मुख्यालय में स्थापित प्राचीन यंत्र के आधार पर तैयार किया गया है। यंत्र पर भगवान श्रीराम समेत अन्य देवी-देवताओं के विभिन्न वैदिक मंत्र अंकित हैं, जिन्हें अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह यंत्र पहले कांचीपुरम से तिरुपति लाया गया था। इसके बाद एक भव्य रथयात्रा के माध्यम से करीब दो हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर अयोध्या पहुंचाया गया। इस यात्रा के दौरान कई राज्यों में श्रद्धालुओं ने यंत्र के दर्शन कर पूजा-अर्चना की थी। यंत्र पर भगवान श्रीराम समेत अन्य देवी-देवताओं के वैदिक मंत्र
अयोध्या के ज्योतिषाचार्य रघुनाथ दास शास्त्री बताते हैं- श्रीराम मंदिर में स्थापित होने वाला श्रीराम यंत्र केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, वैदिक परंपरा, आध्यात्मिक ऊर्जा और मंदिर स्थापत्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्रीराम यंत्र एक विशेष वैदिक ज्यामितीय संरचना है। इसमें भगवान राम और अन्य देवी-देवताओं की दिव्य ऊर्जा को मंत्रों और आकृतियों के माध्यम से स्थापित किया जाता है। यह यंत्र पूजा, ध्यान और सकारात्मक ऊर्जा के केंद्र के रूप में काम करता है। यंत्र पर भगवान श्रीराम समेत अन्य देवी-देवताओं के विभिन्न वैदिक मंत्र अंकित हैं, जिन्हें अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वहीं, ट्रस्ट के पदाधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रपति मुर्मु के कार्यक्रम में समय रहेगा, तो उनकी इच्छा से किसी एक मंदिर में ध्वजारोहण भी कराया जा सकता है। हालांकि, यह अभी तय नहीं है। आज सुगम और वीआईपी दर्शन पास पूरी तरह बंद
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, 19 मार्च को सुबह 7 से रात 9 बजे तक दो-दो घंटे के स्लॉट में जारी किए जाने वाले सुगम और विशिष्ट दर्शन पास पूरी तरह बंद रहेंगे। ट्रस्ट के पदाधिकारी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि 19 मार्च के लिए ऑनलाइन बनाए जा चुके सभी पास भी निरस्त माने जाएंगे। श्रद्धालुओं को इस दिन सामान्य व्यवस्था के तहत ही दर्शन की सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट से मंदिर तक भक्ति और संस्कृति की झलक
राष्ट्रपति के स्वागत को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। एयरपोर्ट से राम मंदिर गेट तक करीब 20 सांस्कृतिक मंच सजाए गए हैं। करीब 250 कलाकार रामायण और रामभक्ति पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे। इन मंचों पर स्वागत गीत, भजन, बधावा, अवधी लोकगायन, लोकनृत्य और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा रामलीला अंश, झांकियां, ढोल-नगाड़ा, शंखनाद और वेदपाठ जैसे कार्यक्रम भी पूरे मार्ग को आध्यात्मिक माहौल से भर देंगे। छोटे मंचों पर 7-7 कलाकारों की टीम और बड़े मंचों पर 15 कलाकारों की टीम प्रदर्शन करेगी। राष्ट्रपति दोपहर 3 बजे तक रहेंगी अयोध्या में
राष्ट्रपति दोपहर करीब 3 बजे अयोध्या से मथुरा के लिए रवाना होंगी। पूरे कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी अतिथियों के लिए विशेष प्रवेश व्यवस्था की गई है। हर अतिथि को नाम के साथ कोड नंबर अंकित विशेष प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। यह प्रवेश पत्र पूरी तरह गैर हस्तांतरणीय होगा। उसी के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। मोबाइल और अंगरक्षक पर रोक
चंपत राय ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा किसी भी आमंत्रित व्यक्ति के साथ कोई अंगरक्षक परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। सिख समुदाय के लोगों को केवल कानूनन अनुमन्य छोटी कृपाण ले जाने की अनुमति होगी, जबकि अन्य किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। नवरात्रि के चलते फलाहार की व्यवस्था
चैत्र नवरात्र को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों के लिए फलाहार की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। साथ ही अतिथियों को पहले से यह भी सूचित किया जाएगा कि मंदिर परिसर में उन्हें किस द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। ———————— यह खबर भी पढ़ें… राम मंदिर आंदोलन के 4 संत राष्ट्रपति से सम्मानित होंगे, बोले- राम मंदिर की भव्यता ने पुलिस की यातना और संघर्ष को सुखद बना दिया एक समय था कि अयोध्या की गलियों में राम-राम कहना भी दूभर था। राम मंदिर आंदोलन के अनेक चरणों में संतों ने न केवल पुलिस की यातनाएं सहीं। राम मंदिल के लिए जेल की हवा भी खाई। पुलिस से झड़प हुई। जान की बाजी लगाकर आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलियों के बीच से होकर गुजरे। यह खास रिपोर्ट पढ़िए…
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

Leave a Reply