रायबरेली में डीह थाना क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने थाने के सिपाहियों पर उत्पीड़न, मारपीट और अनुचित व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने थाना प्रभारी से शिकायत की थी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने के कारण वे मजबूरन एसपी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि थाने के कुछ सिपाहियों ने उनके साथ बेरहमी से पेश आया, मारपीट की और मानसिक उत्पीड़न किया। कई परिवार इस उत्पीड़न से परेशान हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं। एक पीड़ित ने अपने बयान में कहा, “हमने थाना प्रभारी से शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। हमें मजबूरन एसपी साहब के पास आना पड़ा। सिपाहियों ने हम पर अत्याचार किया है और मारपीट की है। हम निर्दोष हैं, फिर भी हमें परेशान किया जा रहा है। हम सिर्फ न्याय चाहते हैं।” अन्य ग्रामीणों ने भी बार-बार थाने जाने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने की बात कही। सभी पीड़ित परिवार एकजुट होकर एसपी कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपकर दोषी सिपाहियों पर उचित कार्रवाई की मांग की। यह घटना रायबरेली जिले में पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर सवाल उठाती है। जब आम जनता को थाने से न्याय नहीं मिलता, तो वे उच्च अधिकारियों के पास पहुंचने को मजबूर होते हैं। एसपी कार्यालय से इस मामले में क्या कार्रवाई होती है, यह देखना होगा। पीड़ित परिवारों ने एसपी से अपील की है कि दोषी सिपाहियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।

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