रामपुर जनपद में उपभोक्ताओं को शुद्ध और निर्धारित मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त अभियान चलाया है। इसी कड़ी में 20 और 21 मार्च 2026 को जिला पूर्ति अधिकारी ने विभिन्न पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। निरीक्षण के दौरान एम/एस सागर फिलिंग स्टेशन, विक्रमपुर (तहसील मिलक), मैसर्स सागर फ्यूल केएसके, ग्राम बमरौआ और एम/एस सागर फ्यूल, ग्राम रूपपुर (तहसील शाहाबाद) का स्थलीय परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि इन पेट्रोल पंपों पर अधिकारियों के संपर्क नंबर और मूल्य सूची जैसी आवश्यक जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी। साथ ही, अग्नि सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाएं भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं। मैसर्स सागर फ्यूल केएसके, बमरौआ में लगभग 1000 लीटर क्षमता के टैंक में डीजल का अवैध भंडारण पाया गया। इसके अतिरिक्त, डीजल बिक्री से संबंधित लाइसेंस का प्रदर्शन नहीं किया गया था। स्टॉक और बिक्री रजिस्टर अधूरे थे, डेंसिटी रजिस्टर का सत्यापन नहीं हुआ था, और पानी मापने की व्यवस्था भी अनुपस्थित थी। शिकायत पुस्तिका भी अपूर्ण और अप्रमाणित मिली। इन गंभीर अनियमितताओं के मद्देनजर, प्रशासन ने मैसर्स सागर फ्यूल केएसके, बमरौआ को सील कर दिया है। इसके लाइसेंस को निलंबित या निरस्त करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एम/एस सागर फ्यूल, रूपपुर की बिक्री पर तत्काल रोक लगाते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं, विक्रमपुर स्थित सागर फिलिंग स्टेशन निरीक्षण के समय बंद पाए जाने पर उसे भी सील कर दिया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।

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