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रामपुर जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल:विधायक ने कहा- विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए सरकार कर रही काम
रामपुर के विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश सरकार के 9 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में योजनाओं का बखान और लाभार्थियों को लाभ वितरण किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबियां, आयुष्मान कार्ड और अन्य योजनाओं की धनराशि वितरित की गई। कार्यक्रम में शाहाबाद-मिलक की विधायक राजबाला ने कहा कि नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति ने सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर दिए। जब जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठा, तो अधिकारियों ने इसे पिछली सरकारों की देन बताते हुए कहा कि नए मेडिकल कॉलेज बनने से स्थिति में सुधार होगा। लेकिन हकीकत यह है कि रामपुर जिला अस्पताल, जो लगभग 150 बेड का है, वहां स्वीकृत 40 डॉक्टरों के मुकाबले केवल 10 डॉक्टर ही तैनात हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। इसके अलावा 300 बेड का एक अन्य अस्पताल अभी तक पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर और दबाव बना हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं ही पर्याप्त नहीं हैं, तो ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य कैसे हासिल होगा। उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम में नगर विधायक आकाश सक्सेना और कृषि राज्यमंत्री बलदेव औलख की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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