कुशीनगर के रामकोला थाना क्षेत्र में चर्चित लूट कांड फर्जी निकला है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गांजा तस्करी से मिले रुपयों को हड़पने की साजिश थी। इस मामले में 21 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि चार पुलिसकर्मी भी इस गिरोह में शामिल पाए गए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि गांजा तस्करी से मिले पैसों को ठिकाने लगाने और आपस में बंटवारे को लेकर विवाद के चलते यह फर्जी लूट की कहानी गढ़ी गई थी। पुलिस ने इस मामले में गहनता से पड़ताल की, जिसके बाद सच्चाई सामने आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 21 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा, लगभग 72 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस दौरान सुंदर लाल निषाद और सुरेश यादव को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। यह एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह है, जिसमें लगभग 8 तस्कर शामिल हैं और इसका नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ है। सबसे महत्वपूर्ण खुलासा यह है कि इस पूरे मामले में चार पुलिसकर्मियों के नाम भी सामने आए हैं। सिपाही सूरज गिरी, जितेंद्र, विनोद और नितेश पर गांजा तस्करी गिरोह चलाने का आरोप है। चारों सिपाहियों के खिलाफ रामकोला थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस महकमे में अपने ही कर्मियों के नाम सामने आने से विभाग में हलचल है। मामले की जांच उच्च स्तर पर जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। यह मामला बीते शुक्रवार को सामने आया था, जब रामकोला थाना क्षेत्र में लूट की एक बड़ी वारदात की सूचना दी गई थी। चंदरपुर गांव के पास एक युवक से 3 लाख 5 हजार रुपये लूटे जाने की बात कही गई थी। युवक ने बताया था कि वह अपने रिश्तेदार के घर से घर निर्माण के लिए रुपये लेकर लौट रहा था, तभी बाइक सवार बदमाशों ने उसका पीछा कर उसे गिराकर नकदी लूट ली। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जांच शुरू हुई, सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और कई जगहों पर दबिश दी गई। हालांकि, गहन जांच और पूछताछ में पूरी कहानी झूठी निकली। इसी के साथ गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

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