गोंडा जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मंगलवार देर शाम राजस्व वसूली और विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान लापरवाही मिलने पर राज्य कर उपायुक्त आरएस यादव का वेतन रोकने और खनन अधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में कर करेत्तर राजस्व वसूली में गंभीर लापरवाही सामने आई। गोंडा राज्य कर उपायुक्त आरएस यादव के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया। समीक्षा में पाया गया कि राज्य कर विभाग के चार खंडों में वसूली के नोडल अधिकारी होने के बावजूद यादव की प्रगति काफी खराब थी और बार-बार निर्देश के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। इसी बैठक में गोंडा खनन विभाग की खराब रैंकिंग पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने खनन अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विभाग में सुधार लाने के निर्देश दिए और खनन अधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को नायब तहसीलदारों के न्यायालयों में वादों के निस्तारण की जांच करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और सभी नायब तहसीलदारों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने चेतावनी दी कि वाद निस्तारण में किसी भी लापरवाही या अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग खंड प्रथम और लोक निर्माण विभाग खंड द्वितीय एवं प्रांतीय खंड के एक्सईएन को स्पष्ट निर्देश दिया है। कि जिन कार्यदायी संस्थाओं के द्वारा रॉयल्टी का भुगतान नहीं किया गया है वह तत्काल रॉयल्टी का भुगतान करना सुनिश्चित करें। रॉयल्टी भुगतान न करने वाले कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैकलिस्टेड करने की भी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही साथ डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है। कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य में गति लाना और जनता को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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