राजीवनगर-दीघा में बिहार स्टेट हाउसिंग को-ऑपरेटिव फेडरेशन की 25 एकड़ जमीन पर लोगों ने पक्का मकान और मार्केट बनाकर कब्जा कर लिया है। गुरुवार को विधान परिषद में अनिल कुमार, दिलीप कुमार सिंह, भीष्म सहनी, रवींद्र प्रसाद सिंह, हरि सहनी ने यह मामला उठाया। कहा-हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जमीन पर अतिक्रमण है। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना डीएम को इस जमीन को डेढ़ महीने में खाली कराने का निर्देश दिया। दरअसल, दीघा की 1024.52 एकड़ जमीन का अधिग्रहण वर्ष 1974 में शुरू हुआ था। आवास बोर्ड को यह जमीन मिलनी थी। इसका अधिग्रहण के पूरा होने से पहले 1981-82 में विभिन्न सेल डीड के माध्यम से फेडरेशन ने 25 एकड़ जमीन की खरीदारी दीघा के किसानों से की। नेपाली नगर में बनने वाले बिजली के पावर सब स्टेशन के आगे आशियाना-दीघा रोड पर फेडरेशन की जमीन है। इसके साथ ही आसपास के अलग-अलग हिस्से में जमीन के टुकड़े हैं। इसमें 2 एकड़ जमीन फेडरेशन ने अपने कर्मचारियों को आवंटित किया है। शेष जमीन को भू-माफियाओं की मिलीभगत से दीघा के किसानों या उनके वंशजों ने दोबारा बेच दिया। इसके बाद लोगों ने जमीन पर मकान और मार्केट बनाकर कब्जा कर लिया। यह कब्जा पिछले 13 वर्षों में फेडरेशन के भंग होने और हाईकोर्ट के निर्देश पर दोबारा बहाल होने के दौरान हुआ है।
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