रायबरेली के फिरोज गांधी कॉलेज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। कथा व्यास पूज्य राजन जी महाराज ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का सजीव वर्णन किया, जिसे सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा की शुरुआत शाम 06:15 बजे भव्य आरती के साथ हुई। इसके बाद महाराज जी ने ‘लोकाभिरामं…’ और ‘मनोजवं मारुततुल्यवेगम…’ के साथ ‘सीता-राम, सीता-राम’ का संकीर्तन शुरू किया। पूरा परिसर तालियों की गूँज और भक्ति के आनंद में डूब गया, और श्रद्धालु भजनों की मधुर धुन पर झूमते नजर आए।
कथा के दौरान महाराज जी ने जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान न तो केवल वैराग्य से मिलते हैं और न ही राग से, बल्कि वे केवल ‘अनुराग’ (निस्वार्थ प्रेम) से प्राप्त होते हैं। रिश्तों की मर्यादा पर सीख देते हुए महाराज जी ने कहा कि यदि आप किसी से प्रेम करते हैं, तो उसके दोष देखना बंद कर दें। जिस दिन आप कमियाँ देखना छोड़ देंगे, आपका रिश्ता जीवन भर के लिए अटूट हो जाएगा। उन्होंने अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व करने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष भाजपा उत्तर प्रदेश भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी शिरकत की और महाराज जी का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में सिटी मजिस्ट्रेट रामअवतार, भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धिलाल पासी, ऊंचाहार जिला पंचायत सदस्य आदर्श बाजपेई सहित कई गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। द्वितीय दिवस की राम कथा का समापन रात 09:30 बजे राम जी की आरती के साथ हुआ।

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