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राजगीर जू-सफारी की क्षमता होगी दोगुनी:10 ‘सेल्फ-टिकट कियोस्क’ लगाए जाएंगे; नाइट टूरिज्म और वीआर तकनीक से बढ़ेगा रोमांच

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने और पर्यटकों को नया अनुभव देने के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) आनंद किशोर ने राजगीर में अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों का विस्तृत खाका तैयार किया। इस अहम बैठक में डीएफओ राजकुमार एम, जू सफारी के डायरेक्टर राम सुंदर एम सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। ACS आनंद किशोर ने कहा कि राजगीर राज्य का एक बेहद महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्र है, जहां जू सफारी, नेचर सफारी और वेणु वन जैसे स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। पर्यटकों की भारी भीड़ और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जू-सफारी में प्रतिदिन टिकट जारी करने की क्षमता को 1,000 से बढ़ाकर 2,000 करने का सख्त निर्देश दिया गया है। टिकट लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए परिसर में कम से कम 10 ‘सेल्फ-टिकट कियोस्क’ लगाए जाएंगे, जहां से लोग स्वयं अपना टिकट प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, ऑनलाइन बुकिंग में एक बार में अधिकतम छह टिकटों की वर्तमान सीमा को खत्म करते हुए बल्क बुकिंग की सुविधा भी जल्द शुरू की जाएगी। पर्यटन को आधुनिक बनाने और युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए सफारी में वर्चुअल रियलिटी (वीआर) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, जंगली और पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मोबाइल नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए नए मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे, ताकि पूरे इलाके में संचार व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे। पूरे पर्यटन क्षेत्र को पूरी तरह से दिव्यांग-अनुकूल बनाने के लिए भी एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसके तहत उनके लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सैलानियों की सुविधा के लिए सफारी परिसर में अलग-अलग स्थानों पर कैफ़ेटेरिया, प्रतीक्षा स्थल, बच्चों के खेलने की जगहें और आरओ वाटर कूलर की व्यवस्था की जाएगी। ‘वेणु वन’ शाम में भी ओपन रहेगा राजगीर में नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया गया है। पर्यटकों को शाम के समय एक नया आकर्षण देने के लिए ‘वेणु वन’ को अब शाम 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रखा जाएगा। इस दौरान यहां प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कला और संस्कृति को प्रमुखता मिलेगी। वन्य जीवों की संख्या और विविधता बढ़ाने पर जोर देते हुए एसीएस ने बताया कि पटना जू की तर्ज पर राजगीर सफारी में भी गैंडों (राइनो) के लिए एक सैटेलाइट सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा शेरों के क्षेत्र का जीर्णोद्धार करते हुए गौर और चिंकारा जैसे नए वन्यजीवों को लाने का प्रस्ताव है। वन्यजीवों के इलाज के लिए सफारी स्थित अस्पताल को भी पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा। सहायता के लिए वन मित्र की तैनाती की जाएगी पर्यटकों की सहायता और सुरक्षा को लेकर भी बैठक में अहम निर्णय लिए गए हैं। पूरे क्षेत्र में ‘वन मित्र’ (फॉरेस्ट फ्रेंड्स) की तैनाती की जाएगी। ये वन मित्र एक निर्धारित ड्रेस कोड में रहेंगे और अपनी मोबाइल गाड़ियों से गश्त कर पर्यटकों को हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे। वैभव गिरी पर्वत और इंद्रशाला गुफा जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षित यात्रा के लिए वन विभाग जल्द ही ‘गाइडेड टूर’ शुरू करने जा रहा है। इसके लिए स्थानीय गाइड्स का बाकायदा रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और उन्हें वर्दी दी जाएगी। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे संपूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त ईको-बसों और पेट्रोलिंग वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन सभी प्रयासों का अंतिम लक्ष्य राजगीर को ‘नेशनल टूरिज्म’ के मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करना है, जिससे पर्यटकों की संख्या के साथ-साथ स्थानीय लोगों के रोजगार और आय में भी भारी वृद्धि हो सके।


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