उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अब एक साल से भी कम समय रह गया है। ऐसे में निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल यानी निषाद पार्टी ने तैयारी तेज कर दी है। पार्टी निषाद राज जयंती की पूर्व संध्या पर 22 मार्च को गोरखपुर से चुनाव प्रचार का शंखनाद करेगी। रामगढ़ताल के किनारे महंत दिग्विजयनाथ पार्क में विशाल रैली आयोजित कर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा। निषाद पार्टी अपने समाज के लिए एससी में आरक्षण के साथ ही बालू घाटों पर अधिकार की मांग भी करेगी। गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में 4 स्थानों पर इस तरह की विशाल रेली का आयोजन किया जाएगा। अलग-अलग प्रदेशों से निषाद नेता इस रैली में शामिल होंगे। गोरखपुर में रैली समाप्त होने के बाद जुलूस के शक्ल में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता प्रयागराज पहुंचेंगे और वहां भी इसी तरह की रैली आयोजित करेंगे। इसके बद वाराणसी एवं मेरठ में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। संगठनात्मक ताकत भी दिखाएगी पार्टी
निषाद पार्टी का दावा है कि प्रदेश के 88 संगठनात्मक जिलों में प्रभारियों की नियुक्ति हो चुकी है। उनके माध्यम से संगठनात्मक ताकत भी दिखाने की तैयारी है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि गोरखपुर में होने वाली रैली पार्टी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत मानी जा रही है और इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं निषाद समाज के लोगों की भागीदारी की अपेक्षा है। यह कदम आगामी चुनावों के दृष्टिगत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन रैलियों के माध्यम से पार्टी स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि वह पूरी तैयारी और मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है। विशेष रूप से पूर्वांचल, जो निषाद पार्टी का पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र रहा है, वहां पार्टी अपने जनाधार को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। वहीं मेरठ में रैली आयोजित कर पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत है। इन मांगों पर होगा जोर – मझवार/तुरैहा को अनुसूचित जाति में परिभाषित करना।
– खनन, बालू और पुश्तैनी घाटों पर अधिकार बहाली।
– वर्ग-3 की भूमि को मछुआ समाज के लिए पुनः आरक्षित करना।
– विमुक्त जाति/जनजाति के अधिकारों की बहाली।

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