हाथरस के बहुचर्चित यौन शोषण मामले में प्रोफेसर रजनीश को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। एडीजे एफटीसी प्रथम महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने सबूतों के अभाव में आरोपी प्रोफेसर को बरी किया। पीड़ित छात्राओं ने कोर्ट में प्रोफेसर पर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार कर दिया था। मामले में पुलिस ने डॉ. रजनीश को गिरफ्तार किया था। साथ ही बागला कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. महावीर प्रसाद छोंकर को भी गिरफ्तार किया गया था, हालांकि उन्हें उसी दिन जमानत मिल गई थी। प्रिंसिपल पर छात्राओं की शिकायतों की अनदेखी करने का आरोप था। कॉलेज में इस तरह की कोई घटना ही नहीं हुई थी… अब इस मामले में न्यायालय का फैसला आने पर बागला डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल का कहना है कि न्यायालय के आदेश से स्पष्ट हो गया है कि यह ‘पूरा झूठ और मनगढ़ंत मामला’ था। उन्होंने कहा कि कॉलेज में ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं थी और किसी भी छात्रा ने न्यायालय में किसी तरह की गलत हरकत होने की बात नहीं कही। प्रिंसिपल ने न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने कॉलेज की छवि धूमिल करने के लिए यह साजिश रची थी। न्यायालय के आदेश से सच्चाई सामने आई… आरोपी पक्ष के वकील ने सामने आए अश्लील वीडियो को एआई जनरेटेड बताया था। प्रिंसिपल ने दोहराया कि पुलिस ने अपनी तरफ से यह मनगढ़ंत साजिश रची थी और किसी भी छात्रा ने न्यायालय में यह बयान नहीं दिया कि उनके साथ कोई गलत हरकत हुई। न्यायालय के फैसले के बाद सच्चाई सामने आ गई है।

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