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योगी बोले-गाजी मियां माफिया था, महाराज सुहेलदेव ने जहन्नुम भेजा:उसे गर्म तवे पर बांधकर जिंदा जलाया; एक वक्त गुडों को हीरो दिखाया जाता था


                 योगी बोले-गाजी मियां माफिया था, महाराज सुहेलदेव ने जहन्नुम भेजा:उसे गर्म तवे पर बांधकर जिंदा जलाया; एक वक्त गुडों को हीरो दिखाया जाता था

योगी बोले-गाजी मियां माफिया था, महाराज सुहेलदेव ने जहन्नुम भेजा:उसे गर्म तवे पर बांधकर जिंदा जलाया; एक वक्त गुडों को हीरो दिखाया जाता था

सीएम योगी ने रविवार को लखनऊ में कहा कि आज के बच्चों के सामने महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम को पेश करना चाहिए। एक हजार साल पहले जो शौर्य महाराजा सुहेलदेव ने दिखाया था, उसे सभी को जानना चाहिए। उन्होंने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने वाले विदेशी आक्रांता को सिर्फ रोका ही नहीं, बल्कि ऐसी निर्मम मौत दी कि किसी की दोबारा ऐसा करने की हिम्मत नहीं हुई। इसके चलते डेढ़ सौ सालों तक कोई विदेशी भारत पर हमला करने के बारे में सोचा नहीं था। लेकिन, भारतीय समाज ने महाराजा सुलेहदेव जी को भुला दिया। अब हमारी सरकार ने महाराज सुलहेवजी ने का स्मारक बनवाया। उन्होंने कहा कि सालार मसूद (गाजी मियां) माफिया से कम नहीं था। अभी जो माफिया मिट्टी में मिल गए हैं, उनका ही एक रूप था। उसने हमारे मंदिर तोड़े थे। महाराज सुहेलदेव ने सालार मसूद को गर्म तवे में बांधकर जहन्नुम पहुंचाया। क्योंकि, इस्लाम में कहा जाता है कि ऐसी मौत जिसे मिलती है, उसे जहन्नुम ही नसीब होता है। योगी ने अपील की कि ऐसे नायकों पर नाटक तैयार होने चाहिए। उनका मंचन स्कूलों और कॉलेजों में होना चाहिए, ताकि आज की पीढ़ी उनके बारे में जानें। योगी ने फिल्म ‘धुरंधर’ और विपक्षी नेताओं का नाम लिए बिना कहा- एक समय हमारे संस्थानों पर ऐसे लोगों को कब्जा हो गया था, जो पेशवर गुंडे-माफिया को नायक को रूप में प्रस्तुत करते थे। आज सिनेमा सच्चाई दिखा रहा है। आज सिनेमा अच्छा करने की कोशिश कर रहा है। समाज भी उस अच्छाई को भी उसी रूप में लेती है। समाज की संवेदनाएं को देखना है तो रामायण सीरियल को ले लीजिए। दुनिया का सबसे लोकप्रिय सीरियल रामायण ही हुआ है। उसकी कोई तुलना नहीं हो सकती है। भारतीय समाज अपनी परंपरा और विरासत को सम्मान देना जानता है। योगी भारतेंदु नाट्य अकादमी (बीएनए) अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर 5 से 12 अप्रैल तक स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह के शुभांरभ के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने अकादमी के भवन और दो प्रेक्षागृहों का लोकार्पण किया। कलाकारों और पूर्व छात्रों को सम्मानित किया। ‘रंगभेद’ पत्रिका का विमोचन किया। कलाकारों की तरफ से नाटक की प्रस्तुति देखी। तस्वीरें देखिए- योगी के भाषण की बड़ी बातें- 1. ‘हम अपने नायकों को सम्मान देने पर परहेज करते हैं’
योगी ने कहा- हमारी समस्या क्या है? हम अपने नायकों को सम्मान देने पर परहेज करते हैं। यही कारण है कि एक वक्त समाज के नायकों को खलनायक के रूप में प्रस्तुत किया गया। खलनायकों को हीरो बताया गया। इसका परिणाम हुआ कि समाज में उसी तरह के चरित्र सामने आते दिखाई दिए। 2. ‘दुनिया का सबसे लोकप्रिय सीरियल रामायण है’
उन्होंने कहा कि आज सिनेमा अच्छा करने की कोशिश कर रहा है। समाज भी उस अच्छाई को भी उसी रूप में ले रहा है। समाज की संवेदनाएं देखनी है तो रामायण सीरियल को ले लीजिए। दुनिया का सबसे लोकप्रिय सीरियल रामायण ही है। उसकी कोई तुलना नहीं हो सकती है। भारतीय समाज अपनी परंपरा और विरासत को सम्मान देना जानता है। 3. ‘जहां सालार मसूद को मारा था, वहां उसके नाम पर मेला लगता था’
योगी ने कहा- भारतीय समाज ने महाराजा सुहेलदेव को भुला दिया। हमारी सरकार ने उनका स्मारक बनवाया। ये गुलामी नहीं तो क्या है? जिस स्थान पर महाराज ने सालार मसूद को मारा था, उस स्थान पर मसूद मेला लगता था। सुहेलदेव का कोई जिक्र नहीं था। महाराज के योगदान को कोई याद ही नहीं करता था। लेकिन, अब लोग महाराज सुहेलदेव के स्मारक पर जाते हैं। 4. ‘गोरखपुर का सांसद रहते महाराजा सुहेलदेव के लिए कार्यक्रम करवाया था’
सीएम ने कहा कि जब मैं गोरखपुर से सांसद था। महाराजा सुहेलदेव के विजयोत्सव पर बहराइच में हमने कार्यक्रम का आयोजन करवाया था। मैं वहां जा रहा था, तो प्रशासन ने रोकने का प्रयास किया। लेकिन, फिर भी मैं गया। उस वक्त कार्यक्रम में इनती भीड़ नहीं थी। सालार मसूद के मेले में भारी संख्या में लोग जा रहे थे। जो तुम्हें रौंदने आया था, उसके मेले को क्यों जा रहे थे। लेकिन, अब समय बदल गया है। आज मुझे अच्छा लगता है। भीड़ अब उल्टा महाराज सुहेलदेव की स्मारक में जाती है। सालार मसूद के मेले में कोई झांकने नहीं जाता। 5. ‘सुलेहदेव ने मसूद को जहन्नुम भेजने की गारंटी दी थी’
योगी ने कहा- महाराज सुहेलदेव ने मसूद को ऐसी मौत दी थी, जो इस्लाम में सबसे खराब मानी जाती है। आग में गर्म लोहे के तवे पर बांधा और जला दिया। माना जाता है कि इस्लाम में इस प्रकार की मौत जहन्नुम में जाने की गारंटी होती है। सुलेहदेव ने उसे जहन्नुम भेजने की गारंटी दी थी। जब तक अत्याचारी के साथ इस प्रकार का व्यवहार नहीं करेंगे, वह भी भारत की संस्कृति से इसी प्रकार का व्यवहार करता रहेगा। 6. ‘भारत की संस्कृति को रौंदने वालों को सम्मान नहीं मिलना चाहिए’
उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव के ऊपर कोई नाटक नहीं, कोई संगीत नहीं है। हमे उनके ऊपर बनाना चाहिए। वीरांगना अवंतीबाई, वीरांगना उदादेवी, वीरांगना झलकारी बाई, महाराजा बिजली पासी के ऊपर संगीत, नाटक बनने चाहिए। नाट्य अकादमी को लघु नाटक बनाने चाहिए। तब बच्चे इन्हें अपने नायक मानेंगे। उन खलनायकों, जिन्होंने भारत की संस्कृति को रौंदा। उन्हें कभी भी सम्मान नहीं मिलना चाहिए। —————————- अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए…
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Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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