सीएम योगी ने रविवार को 1097 महिला और 131 पुरुष नर्सिंग अधिकारियों को ज्वाइनिंग लेटर बांटे। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को सबसे पहले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संबोधित किया। कहा- नर्स सेवा के लिए बनते हैं। इसलिए आपको गुस्सा नहीं होना है, मरीजों की सेवा करनी है। आप लोग कभी चिंता मत करना। कोई दिक्कत हो तो हमें बताना। आप हमारे परिवार की बेटी हैं। हमारे भाई हैं। कुछ बच्चों को दूर से तैनाती मिली है, रहने को घर न मिले तो भी बताना। सबकी जिम्मेदारी मेरी है। इस दौरान CM योगी ने कहा- नवरात्रि पर बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलना महिलाओं की बढ़ती ताकत का उदाहरण है। मैं सभी को बधाई देता हूं। जब आप मरीज के सहयोगी बनते हैं तो परिणाम सामने आते हैं। उसी सेवा को जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। अब वह दिन गए, जब यह माना जाता था कि मेडिकल कॉलेज या नर्सिंग कॉलेज खोलकर क्या होगा। मैं मानता हूं कि मेडिकल की पढ़ाई महंगी हो सकती है, लेकिन नर्सिंग क्षेत्र ऐसा है, जिसमें 100 फीसदी नौकरी मिलेगी। पहले जानिए उपमुख्यमंत्री ने क्या कहा- डिप्टी सीएम ने कहा- नर्सिंग अधिकारियों में बेटियां अधिक हैं। बेटियां जब सफल होती हैं तो बहुत खुशी होती है। बेटियां जीतती हैं तो घरों में लड्डू बंटता है। आज आपने नई चुनौती को स्वीकार किया है। प्रथम विश्व युद्ध से नर्सिंग सेवा शुरू हुई थी। इसी भाव से आपको आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि मानकर चलो कि मरीज सेंस खो चुका है। उसके परिजन भी आपा खो सकते हैं, लेकिन हमें आपा नहीं खोना है। एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर आएंगे, वह आला लगाएंगे, मरीज देखेंगे और चले जाएंगे, लेकिन मरीज को संभालना और समझाना आपका काम है। पाठक ने कहा कि 2017 से पहले हर जगह जुगाड़ से नौकरी मिलती थी। अब जुगाड़ नहीं चलता। उस समय एक ही बिरादरी के लोगों को नौकरी मिलती थी, अब हमारे यहां बुद्धि, विवेक और कौशल से नौकरी मिलती है। सैफई में नौकरी ढूंढने वाले गुंडे-माफिया अब प्राण बचाने के लिए भाग रहे हैं। कॉमर्स में कहा जाता है- बुरी मुद्रा, अच्छी मुद्रा को प्रचलन से बाहर कर देती है। इसलिए हमें जनता के बीच जाकर अंतर बताना होगा। अब योगी के संबोधन की 5 बड़ी बातें 1. ‘पहले अस्पतालों का काम भगवान भरोसे था’
योगी ने कहा कि नर्सिंग की मांग केवल यहीं नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हो रही है। मैं जापान गया था, वहां भारी पैमाने पर मांग हो रही है। जर्मनी, कोरिया, यूरोप के तमाम देशों में भारत के नर्सिंग कर्मियों के बारे में भाव है कि वह आएंगे तो अच्छा काम करेंगे। उन्होंने कहा- 2017 से पहले हालात कैसे थे, उप-मुख्यमंत्री ने पहले ही बता दिया। 1947 से लेकर 2017 तक प्रदेश में सिर्फ 17 मेडिकल कॉलेज थे। आज यूपी में सरकारी और निजी क्षेत्र के मिलाकर 81 मेडिकल कॉलेज हैं। पहले नर्सिंग या पैरामेडिकल के बारे में लोग गंभीर नहीं थे, जैसे-तैसे नियुक्ति करने की सोचते थे। अस्पतालों में स्वास्थ्य की सुविधा भगवान भरोसे थी। लेकिन, हमने देखा कि इन सेवाओं को आगे बढ़ाने का परिणाम मिला है। योगी ने कहा- एक बार मेडिकॉज एसोसिएशन के कार्यक्रम में जाने का अवसर मिला था। मैंने उनके कार्यक्रम का डाटा देखा कि जिन क्षेत्रों में अब तक कोई नहीं पहुंचा, वहां अब मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज पहुंच रहा है। 2. गोरखपुर में नर्सिंग स्कूल की कहानी सुनाई
उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि पूर्वी यूपी में स्वास्थ्य क्षेत्र की स्थिति बदहाल थी, हजारों मरीजों की मौत होती थी। गोरखपुर में एक नर्सिंग स्कूल चलता था, वहां की प्रिंसिपल अकेली फैकल्टी थी। वह रिटायर हो रही थीं तो मेरे पास आईं। कहा कि क्या होगा यहां का, वहां 100 बालिकाएं ट्रेनिंग ले रही हैं। मैंने वहां के सीएमओ से पूछा तो उसने कहा कि मैंने प्रदेश सरकार को लिख दिया है, लेकिन सरकार चाहती नहीं है कि संस्थान चले। मैंने प्रिंसिपल से कहा कि हम आपको अपने पास से मानदेय देंगे, आप वहां काम करते रहिए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में 35 एएनएम और जेएनएम संस्थान बंद हो चुके थे। अब फिर से ऐसे संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। 31 नर्सिंग कॉलेज का नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू किया है। नर्सिंग सिस्टम मेडिकल की बैकबोन है, उसे मजबूत करना होगा। 3. ‘पहले मेडिकल कॉलेज में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी’
सीएम ने कहा- डबल इंजन की सरकार ने हेल्थकेयर को अपने हाथ में लिया, उसका परिणाम भी सामने आया है। मातृ मृत्यु दर में यूपी देश के औसत के समान है, यूनिवर्सिल हेल्थ कवजेर से साढ़े तीन करोड़ लाभार्थी जुड़े हैं। 14 करोड़ आभा आईडी कार्ड शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा- पहले मेडिकल कॉलेज में माफिया की समानांतर सरकार चलती थी, हर विभाग का एक माफिया होता था, वह माफिया जैसा चाहता था विभाग संचालित होता था। अब माफिया नहीं, वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज बनाया है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेज को एक छत के नीचे लेकर आए हैं। सीएम ने कहा- पीपीपी मोड में भी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, यह पब्लिक ट्रस्ट पार्टनरशिप है, नर्सिंग में सात हजार, पैरामेडिकल में दो हजार सीट बढ़ी है। प्रदेश में एमबीबीएस की सीट 5390 से बढ़कर 12700 हुई है, पहले पीजी की सीट 1221 थी, अब 5056 सीट हो गई है। 4. ‘बाकी राज्यों के लिए भी यूपी से नर्सिंग मैनपावर मिलेगा’
योगी ने कहा कि नवरात्रि चल रहे हैं। हम जगत जननी की पूजा कर रहे हैं। ऐसे में बेटियों को इतनी बड़ी संख्या में नियुक्ति पत्र देना गर्व की बात है। हमारे मेडिकल शिक्षा विभाग का प्रयास होना चाहिए कि यूपी के पास 25 करोड़ की आबादी है, हमें यूपी के साथ देश के अंदर भी नर्सिंग सेवाओं को आगे बढ़ाना होगा। देश की अलग-अलग भाषाओं में भी नर्सिंग की शिक्षा देनी चाहिए। तमिल, मराठी, कन्नड या अन्य किसी भाषा में किसी एक का चयन करेंगे तो इससे अभ्यर्थियों को आसानी होगी। इससे देश के अन्य राज्यों के लिए भी यूपी से नर्सिंग मैनपावर मिलेगा। 5. ‘योजनाओं का लाभ दिलाने में कोई भेदभाव नहीं’
सीएम ने कहा कि नियुक्ति-पत्र और शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में कोई भेदभाव नहीं हो रहा है। एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के नियमों का पालन किया जा रहा है। बिना भेदभाव के नौकरी दी जी रही है। 9 साल में 9 लाख सरकारी नौकरी दी गई है। देश में किसी भी राज्य में इतनी नौकरी नहीं दी गई है। एक भी व्यक्ति नहीं कह सकता कि नौकरी में लेन-देन या सिफारिश हुई है। हमें यह भी नहीं पता होता कि कौन लोग काम कर रहे हैं, संबंधित आयोग चयन करता है। लेकिन आयोग को हमारे कैमरे देखते हैं। कौन व्यक्ति, क्या कर रहा है, हम नजर रखते हैं। कानपुर समेत 14 जिलों में तैनाती होगी जिन नर्सिंग अधिकारियों को ज्वाइनिंग लेटर बांटे गए हैं, उनकी तैनाती आगरा, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, झांसी, गोरखपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज, आजमगढ़, जालौन, सहारनपुर, बांदा और बदायूं के मेडिकल कॉलेजों के साथ जेके कैंसर संस्थान और हृदय रोग संस्थान, कानपुर में की जाएगी। ———————– ये खबर भी पढ़िए- चंदौली में BJP जिलाध्यक्ष पर राजनाथ-महेंद्रनाथ आमने-सामने:गोरखपुर में योगी की पसंद का इंतजार; यूपी में 5 जिलाध्यक्षों पर फंसा पेंच पूर्वांचल की सियासत जाति और दबाव की पॉलिटिक्स के बिना अधूरी कही जाती है। इस बार इसी सियासी चक्रव्यूह में भाजपा फंसी हुई दिख रही है। पूर्वांचल में 5 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को उसके दिग्गजों ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। आखिर इस खींचतान की वजह क्या है? पढ़िए हमारी खास रिपोर्ट में…

Leave a Reply