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यूपी में बिजली की दरें बढ़ाने का विरोध:निजीकरण, प्रीपेड स्मार्ट मीटर, ट्रांसफर जलने की घटना सहित कई कारण गिनाए

उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में लगभग 20% से 25% तक की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव (ARR) दायर किया है। उप्र राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों पर बढ़ोत्तरी को लेकर दायर हुईं आपत्तियों पर सुनवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में आयोग ने वाराणसी में पूर्वांचल विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र के उपभोक्ताओं की आपत्तियों की सुनवाई की। उपभोक्ताओं ने आयोग के समक्ष अलग–अलग तर्कों के माध्यम से कहा कि बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी की बजाय कमी होनी चाहिए। वाराणसी के मंडल आयुक्त सभागार में आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह की मौजूदगी में प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने कंपनी की होने वाली आय और खर्च का विवरण रखा। सुनवाई में पहुंचे उपभोक्ता परिषद की ओर से कहा गया कि प्रेदश के 3.88 करोड़ उपभोक्ताओं का 51 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा सरप्लस है। ऐसे में आयोग एक साथ दरों में 45 प्रतिशत की कमी करें या फिर अगले पांच साल हर साल 8 प्रतिशत दरों में कटौती करे। बिजली दर न बढ़े, इसके समर्थन में उपभोक्ताओं ने चार कारण गिनाए स्मार्ट प्रीपेड मीटर तेज चलने की जांच हो: स्मार्ट प्रीपेड मीटर मामले में कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि मीटर लगने से पहले औसत रीडिंग 604 यूनिट थी। अब 705 हो गई। यानी 16% वृद्धि। ऐसे में मीटर की जांच होनी चाहिए। संविदा कर्मियों की छंटनी पर रोक लगे : फेशियल अटेंडेंस की वजह से 40 किमी दूर ब्रेकडाउन आने पर कर्मचारी पहले अटेंडेंस लगाते हैं, जिससे देरी होती है। संविदा कर्मियों को सेवा संविदा बोर्ड के अधीन रखा जाए, समान काम-समान वेतन दिया जाए। साथ ही नियमित भर्ती के लिए विद्युत सेवा आयोग के माध्यम से पद भरे जाएं। वितरण हानियां नहीं घटीं, ट्रांसफार्मर जलने का प्रतिशत 11.49% कैपिटलाइज़ेशन पर 2820 करोड़ और RDSS योजना में हजारों करोड़ खर्च के बावजूद वितरण हानियां नहीं घटीं। राष्ट्रीय औसत ट्रांसफार्मर जलने का 2% है, लेकिन पूर्वांचल में 2024-25 में 11.49% ट्रांसफार्मर जले। उपभोक्ता शिकायतें 2022-23 में 4.74 लाख से बढ़कर 2024-25 में लगभग 10 लाख हो गईं। विद्युत दुर्घटनाओं में भी 2023-24 में 1120 मौतें हुई। जबकि 2012-13 में सिर्फ 570 हुई थी। बिल न जमा करने वाले उपभोक्ता : पूर्वांचल में 14.36 लाख लॉन्ग अनपेड और 19 लाख से ज्यादा नेवर पेड उपभोक्ता हैं। बनारस के दोनों जोन में ही 6 लाख से ज्यादा ऐसे उपभोक्ता हैं। फ्लैट दर पर मिले बिजली : बुनकरों को फ्लैट दर पर बिजली की मांग की गई। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, बुनकर सभा, स्मॉल मीडियम संगठन और रामनगर इंडस्ट्री एसोसिएशन ने भी ब्रेकडाउन बढ़ने, टेलीफोन न उठाने जैसी शिकायतें दर्ज कराईं।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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