यूपी में पेट्रोलियम-गैस आपूर्ति दुरुस्त:जमाखोरी में अब तक 22 गिरफ्तार हुए; एक महीने में 28 हजार 210 नए उपभोक्ता बढ़े
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यूपी में पेट्रोलियम-गैस आपूर्ति दुरुस्त:जमाखोरी में अब तक 22 गिरफ्तार हुए; एक महीने में 28 हजार 210 नए उपभोक्ता बढ़े
लखनऊ में पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों के प्रभाव को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंडियन ऑयल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है, जबकि जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है।
हजारों केंद्रों के जरिए सुचारु आपूर्ति व्यवस्था
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख संजय भंडारी ने बताया कि प्रदेश में 13 हजार से अधिक खुदरा बिक्री केंद्रों और 28 आपूर्ति भंडारों के माध्यम से पेट्रोलियम उत्पादों की नियमित आपूर्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस की आपूर्ति 4 हजार से अधिक वितरकों और 36 बॉटलिंग संयंत्रों के जरिए करीब 4.88 करोड़ उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जा रही है। वर्तमान में आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है और किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।
जमाखोरी रोकने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जमाखोरी और गैस के अवैध उपयोग पर रोक लगाने के लिए सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक 21 हजार 939 निरीक्षण किए जा चुके हैं।
इस कार्रवाई के दौरान 12 हजार 330 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जबकि 245 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पाइप गैस नेटवर्क का तेजी से हो रहा विस्तार
प्रेस वार्ता में बताया गया कि प्रदेश में पाइप से मिलने वाली रसोई गैस के क्षेत्र में लगातार विस्तार हो रहा है। वर्तमान में लगभग 20 लाख उपभोक्ता इस सुविधा से जुड़े हैं और पिछले एक महीने में 28 हजार 210 नए उपभोक्ता जुड़े हैं।
राज्य के 44 जिलों को इस नेटवर्क के दायरे में लाया जा चुका है और इसे और अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
छोटे सिलेंडर से छात्रों और मजदूरों को बड़ी राहत
अधिकारियों ने बताया कि बिना स्थायी गैस कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए 5 किलोग्राम के छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
यह व्यवस्था खासतौर पर प्रवासी मजदूरों और छात्रों को ध्यान में रखकर की गई है, ताकि वे आसानी से गैस सुविधा प्राप्त कर सकें। इसके लिए केवल एक पहचान पत्र की आवश्यकता होगी और प्रदेश के किसी भी हिस्से में यह सुविधा ली जा सकती है।
किसानों के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध
कृषि विभाग के अपर निदेशक आशुतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता पूरी तरह पर्याप्त है।
उन्होंने कहा कि खरीफ 2026 के लिए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।
अफवाहों पर नजर, लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रेस वार्ता में पत्र सूचना कार्यालय के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
प्रदेश में पेट्रोलियम, गैस और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर प्रशासन की सक्रियता यह दर्शाती है कि सरकार हर परिस्थिति में आम जनता और किसानों को राहत देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
