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यूपी में निवेश मित्र 3.0 लॉन्च:योगी बोले- 2017 में निवेश पर ठहाके मारकर हंसते थे लोग, आज बदल रही यूपी की तस्वीर

लखनऊ के लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘निवेश मित्र 3.0’ पोर्टल लॉन्च किया। इस दौरान अपने संबोधन में सीएम ने कानून-व्यवस्था पर भी बात की। सीएम योगी ने कहा- 2017 में जब हम निवेश की बात करते थे और लोगों से कहते थे कि यूपी आइए निवेश के लिए, तो निवेशक ठहाके लगाकर हंसते थे। कुछ लोग कहते थे कि हमने 5 साल पहले ही संकल्प ले लिया है कि यूपी नहीं जाएंगे। पहचान का संकट माफिया गिरोहों ने पैदा किया था। पहले हर जिले में समानांतर सरकार चलती थी और कोई सुरक्षित नहीं था। तब माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई। उन्होंने कहा, माफिया कोई भी हो, दुस्साहस किया तो वह यमराज के यहां का टिकट काट रहा है। आज योगी ने ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक शेड्स और बिजनेस पार्क स्कीम भी शुरू की गई। यह एआई आधारित सिंगल विंडो पोर्टल है। इसका लक्ष्य प्रदेश को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर ले जाना है। आवेदन प्रक्रिया पहले से आसान बनाई गई है। फॉर्म में 25% कम फील्ड हैं। दस्तावेज 15% कम किए गए हैं। प्रक्रियात्मक चरण 20% घटाए गए हैं। इससे मंजूरी तेजी से मिलेगी।कार्यक्रम में 85 कंपनियों को प्रमाण पत्र और भूमि आवंटन दिए गए। 2,781.12 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की गई। पोर्टल पर 40 से अधिक विभागों की करीब 200 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। सेवाओं को व्यवस्थित कर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
आइए अब जानते हैं सीएम योगी के संबोधन की 6 मुख्य बातें 1. निवेश मित्र 3.0: एक प्लेटफॉर्म, 200 सेवाएं निवेश मित्र 3.0 पोर्टल को निवेशकों की सुविधा के अनुसार पूरी तरह अपग्रेड किया गया है। अब इस प्लेटफॉर्म पर 40 से ज्यादा विभागों की करीब 200 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। पहले सेवाओं की संख्या अधिक थी, लेकिन उन्हें अब व्यवस्थित कर सीमित किया गया है। इससे प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा सरल और तेज हो गई है। 2.निवेश के लिए यूपी बना सबसे पसंदीदा राज्य
सीएम ने कहा- यूपी देश के अंदर इन्वेस्टमेंट के बेहतरीन डेस्टिनेशन के रूप में खुद को स्थापित कर सके। यह सपना हमने 9 वर्ष पहले देखा था। आज आप सबकी उपस्थिति उस सपने को जमीनी धरातल पर हकीकत में उतार रही है। आपने प्रदेश की डबल इंजन वाली सरकार पर विश्वास किया। उस विश्वास पर खरा उतरने के लिए सरकार ने जरूरी वातावरण तैयार किया। इसे प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारकर प्रस्तुत किया गया है। आज पूरे देश में किसी भी उद्यमी के लिए निवेश का सबसे पसंदीदा स्थल उत्तरप्रदेश है। यह विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। इस विश्वास को पिछली सरकारों ने तोड़ा था। उत्तरप्रदेश वासियों और नौजवानों के सपनों को तोड़ा गया था। देश के सबसे बड़े राज्य के सामने वजूद का संकट खड़ा किया गया था। आज मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि डबल इंजन सरकार पर आपका जो विश्वास है, उस पर खरा उतरने के लिए टीम यूपी ने लगातार परिश्रम किया है। 3. 11% जमीन, 21% उत्पादन: यूपी फिर बना देश का ‘फूड बास्केट’
सीएम ने कहा- उत्तरप्रदेश को भारत का फूड बॉस्केट कहा जाता है। बीच के कालखंड में किसान पलायन को मजबूर हुए। कई किसान आत्महत्या तक करने लगे। स्थितियां बेहद खराब थीं। लेकिन पिछले 9 वर्षों में इस सेक्टर को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाया गया। परिणाम यह है कि भारत की कुल कृषि योग्य भूमि का 11% यूपी के पास है। जबकि खाद्यान्न उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी 21% है। यानी 11% जमीन पर 21% उत्पादन। इसी के साथ उत्तरप्रदेश ने खुद को फिर से ‘फूड बास्केट’ के रूप में स्थापित किया है। 4. 2017 में निवेश के नाम पर हिचकता था निवेशक, अब बना इंडस्ट्रियल हब यूपी को इंडस्ट्रियल निवेश का बेहतरीन गंतव्य बनाने के लिए पिछले 9 वर्षों में कई प्रयास किए गए। उन्होंने 2017 का अनुभव शेयर किया। सीएम ने कहा- जब हम निवेश की बात करते थे, तो लोग शिष्टाचार में मिलने आ जाते थे। लेकिन जब हम प्रदेश के बाहर जाकर कहते थे, यूपी आइए, निवेश करिए, तो जवाब मिलता था यूपी? कुछ लोग चुप हो जाते थे। कुछ लोग साफ कहते थे कि हमने 5 साल पहले ही तय कर लिया था कि यूपी नहीं जाएंगे।फिर भी कहते थे कि आप आए हैं, तो एक बार प्रयास करेंगे। सीएम बोले- इतना कहकर ही बातचीत खत्म हो जाती थी। यह 2017 की सच्चाई थी, जिसे हमने खुद फेस किया था। 5. माफिया पर जीरो टॉलरेंस, दुस्साहस किया तो ‘यमराज का टिकट’
सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि- पहचान का संकट किसने खड़ा किया था? हर थाना क्षेत्र में, हर जनपद में समानांतर सरकार चलाने वाले माफिया गिरोहों ने खड़ा किया था। वह किसी न किसी राजनेता के गुर्गे के रूप में समानांतर सरकार चलाता था। किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित नहीं रहने देता था। न व्यापारी को, न बेटी को, न सामान्य नागरिक को। तब हमने तय किया कि इस माफिया की कमर तोड़नी है। यूपी में इसको क्रैश करना है। हम जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेंगे। यह जीरो टॉलरेंस आज भी बना हुआ है। माफिया कोई भी हो, किसी का भी सरपरस्त हो। अगर उसने कहीं दुस्साहस किया तो यह मान कर चलिए वह यमराज के यहां का टिकट काट रहा है। 6. ढाई एयरपोर्ट से 16 तक पहुंचा यूपी, जेवर बनेगा देश का सबसे बड़ा हब
सीएम ने कहा- यूपी में कभी लगभग ढाई एयरपोर्ट ही संचालित होते थे। ढाई का मतलब दो एयरपोर्ट पूरी तरह क्रियाशील थे, लखनऊ और वाराणसी। जबकि गोरखपुर और आगरा आधे माने जाते थे। गोरखपुर में एक फ्लाइट आती थी, वो भी कभी-कभी। आगरा में भी यही स्थिति थी। कोई मजबूत एयर कनेक्टिविटी का वातावरण नहीं था। आज यूपी के पास 16 डोमेस्टिक एयरपोर्ट हैं। 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। भारत का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बन रहा है। इसका उद्घाटन 28 तारीख को प्रधानमंत्री के कर कमलों से होगा। यह देश का सबसे बड़ा कार्गो और लॉजिस्टिक हब बनेगा। इसके साथ ही जेवर में एमआरओ सुविधा भी दी जा रही है। एयरक्राफ्ट मेंटिनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग की यह सुविधा देश में पहली बार होगी।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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