शिवसेना उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत और विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है। एनडीए में शामिल शिवसेना के राष्ट्रीय समन्वयक ने कहा कि पार्टी विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन से 5 प्रतिशत और पंचायत चुनाव में 10 प्रतिशत सीटों की मांग करेगी। उन्होंने कहा- विधानसभा चुनाव के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 सीट और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 से 11 सीटों की मांग रखी जाएगी। इन सीटों में मथुरा और संभल जैसी महत्वपूर्ण विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। गठबंधन के साथ लड़ेंगे चुनाव
शिवसेना के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- शिवसेना गठबंधन के साथ चुनाव लड़ेगी। पार्टी 5 प्रतिशत सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। एनडीए और भाजपा के साथ होने वाली घटक दलों की बैठक में शिवसेना अपना प्रस्ताव रखेगी और 20 से 21 सीटों की मांग करेगी। शिवसेना एक हिंदूवादी पार्टी है और भाजपा व संघ की विचारधारा से इसलिए जुड़ी है क्योंकि दोनों का डीएनए समान है। हिंदुत्व और सनातन की रक्षा करना ही पार्टी का मुख्य एजेंडा है। सवाल: आपने तय किया है कि यूपी की कौन-सी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे?
जवाब: हमने तय किया है कि 10 सीटें पूर्वी उत्तर प्रदेश की होंगी और 10 सीटें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रहेंगी। इसको लेकर तैयारी चल रही है। संगठन को काफी मजबूत किया गया है और कैडर भी तैयार किया गया है। सोशल वेलफेयर गतिविधियों में भागीदारी की जा रही है, लोगों से लगातार जुड़ रहे हैं और बूथ मैनेजमेंट को लेकर भी ट्रैकिंग चल रही है। सवाल: हिंदुत्व की बात कर रहे हैं, क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मथुरा और संभल की सीटें भी होंगी?
जवाब: बिल्कुल, यहां पर चुनाव लड़ेंगे। अगर सीटें मिलीं तो मथुरा, संभल और ब्रजभूमि क्षेत्र में अपने उम्मीदवार जरूर उतारेंगे। सवाल: एलायंस में अगर ये सीटें नहीं मिलतीं तो क्या कोई बदलाव होगा?
जवाब: अगर एलायंस में ये सीटें नहीं मिलती हैं तो दूसरी सीटें मिलेंगी। वहां रणनीति बनाई जाएगी, लेकिन क्षेत्र यही रहेगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी फोकस बना रहेगा। सवाल: यूजीसी की नई गाइडलाइन पर सवर्ण समाज नाराज दिख रहा है, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है, उसका कितना असर होगा?
जवाब: अभी सुप्रीम कोर्ट से इस पर स्टे लगा हुआ है, इसलिए मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता। मामला सब-ज्यूडिस है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही तय करेंगे कि हमारी क्या भूमिका रहेगी। सवाल: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का मुद्दा विपक्ष उठा रहा है। हाल ही में गौ-सेवक बाबा की मौत हुई, शंकराचार्य खुद सरकार को घेर रहे हैं। ऐसे में हिंदुत्व का मुद्दा कैसे चलेगा?
जवाब: जिनकी आप बात कर रहे हैं, उनका मैं नाम नहीं लूंगा। पहले सुप्रीम कोर्ट तय करे कि वे शंकराचार्य हैं या नहीं। अगर वे शंकराचार्य हैं तो उसी हिसाब से आगे बात बढ़ेगी। अगर यह तय हो जाता है कि वे शंकराचार्य नहीं हैं, तो स्थिति अलग होगी। पहले कोर्ट का फैसला आना जरूरी है। सवाल: गौ को राष्ट्र माता या राज्य माता बनाने की मांग की जा रही है?
जवाब: हमने अपने राज्य में गौ को राज्य माता का दर्जा दिया है। यूपी में अगर शिवसेना आएगी तो हम यहां भी इसकी मांग करेंगे। इसी वजह से हम भागीदारी चाहते हैं। सवाल: दैनिक भास्कर यूपी में विधायकों का बड़ा सर्वे करने जा रहा है?
जवाब: हम चाहते हैं कि आप सर्वे की कॉपी हमें दें। जो विधायक काम नहीं कर पाए हैं, हम उन्हीं सीटों पर अपनी मांग रखेंगे।

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