उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) हाईस्कूल की परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। अब इंटरमीडिएट की तर्ज पर हाईस्कूल स्तर पर भी विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में प्रयोगात्मक (प्रैक्टिकल) परीक्षाएं फिर से शुरू की जाएंगी। इस कदम से छात्रों की पढ़ाई केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर व्यावहारिक समझ पर भी आधारित होगी। जानकारी के अनुसार, अगले शैक्षिक सत्र से विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाएगी। इन प्रैक्टिकल परीक्षाओं के अंक और ग्रेड दोनों ही छात्रों के अंकपत्र व प्रमाण पत्र में दर्ज किए जाएंगे। अभी तक हाईस्कूल में इन विषयों के लिए आंतरिक मूल्यांकन पांच पॉइंट ग्रेडिंग सिस्टम के आधार पर होता था, जिसे अब बदला जा रहा है। जिले में प्रति वर्ष लगभग 30 से 35 हजार छात्र हाईस्कूल परीक्षा में शामिल होते हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर बड़ी संख्या में छात्र इसके दायरे में आएंगे। माना जा रहा है कि इससे छात्रों की विषयों के प्रति समझ बेहतर होगी और वे प्रयोगात्मक तरीके से सीखने के लिए प्रेरित होंगे। हालांकि, विज्ञान और गृह विज्ञान को छोड़कर अन्य विषयों में पुरानी आंतरिक मूल्यांकन प्रणाली ही लागू रहेगी। परिषद का मानना है कि इस बदलाव से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों में विषयों को लेकर गंभीरता बढ़ेगी। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि अभी तक आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। शासन स्तर से निर्देश मिलते ही, उसी के अनुरूप आगे की शैक्षिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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