उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के मूल्यांकन के दौरान सामूहिक नकल का मामला सामने आया है। प्रयागराज के करछना स्थित एक परीक्षा केंद्र की कॉपियों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी पकड़ी गई है। इसके बाद यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने उच्च स्तरीय जांच और कॉपियों की ‘स्क्रीनिंग’ के सख्त आदेश जारी किए हैं। यह मामला अलीगढ़ जिले के नौरंगीलाल इंटरमीडिएट कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर सामने आया। यहां प्रयागराज के पं. अनंतराम पाण्डेय इंटरमीडिएट कॉलेज (लेहारी, बसही, करछना) की इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान और इतिहास विषय की कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा था। मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों ने पाया कि अभ्यर्थियों की मुख्य ‘ए-कॉपी’ में लिखे गए उत्तरों को जानबूझकर काट दिया गया था। इसके स्थान पर अलग से लिखी गई ‘बी-कॉपी’ नत्थी की गई थी, जिसमें सभी उत्तर सही-सही लिखे गए थे। प्रथम दृष्टया स्पष्ट हुआ कि कॉपियों को परीक्षा केंद्र पर या बाद में बाहर से लिखकर जोड़ा गया है, जो सीधे तौर पर सामूहिक नकल की ओर इशारा करता है। मूल्यांकन में लगे शिक्षकों ने तत्काल इसकी लिखित सूचना यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह को दी। सचिव ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए प्रयागराज के डीआईओएस पी.एन. सिंह और सभी अपर सचिवों को निर्देशित किया है। निर्देशों के अनुसार, इस केंद्र की कॉपियों की मैपिंग की जाएगी और जहां-जहां मूल्यांकन हो रहा है, वहां सघन स्क्रीनिंग की जाएगी। साथ ही परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज और कक्ष निरीक्षकों की भूमिका की भी जांच होगी। गड़बड़ी पकड़ने वाली टीम की सराहना करते हुए बोर्ड सचिव ने उप नियंत्रक रवीन्द्र पाल सिंह, उप मुख्य परीक्षक संदीप रूहेला, परीक्षक देवेश गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार, क्षेत्रपाल सिंह और अखिलेश कुमार को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने कहा कि नकल माफियाओं के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने करछना के संबंधित केंद्र की कॉपियों की गहन स्क्रीनिंग के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

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