उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2026-27 का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है। इस कैलेंडर में छात्रों के भाषाई कौशल, समाचार पढ़ने की आदत, मोबाइल दुष्प्रभावों से जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है। परिषद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को इसके कड़ाई से अनुपालन के निर्देश जारी किए हैं, ताकि प्रदेशभर के माध्यमिक विद्यालयों में एकरूपता बनी रहे। प्रार्थना सभा में अंग्रेजी और समाचार पढ़ाई का नया प्रावधान कैलेंडर के अनुसार, सप्ताह में एक दिन प्रार्थना अंग्रेजी भाषा में कराई जाएगी। यदि किसी विद्यालय में अन्य भाषा प्रचलित है, तो उसी भाषा में प्रार्थना का आयोजन किया जा सकेगा। छात्रों के स्क्रीन टाइम को कम करने और समाचार पत्र पढ़ने की आदत डालने के उद्देश्य से प्रार्थना सभा में रोजाना प्रमुख समाचार पत्रों की हेडलाइन खबरें पढ़वाई जाएंगी। साथ ही, इन खबरों में आने वाले कठिन शब्दों का सही उच्चारण, अर्थ और वाक्य प्रयोग भी छात्रों को सिखाया जाएगा। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया, “यह कदम छात्रों को समसामयिक घटनाओं से जोड़ेगा और उनकी भाषा क्षमता को मजबूत करेगा।” मोबाइल-ऑनलाइन गेम्स के दुष्प्रभावों पर जागरूकता अभियान नए सत्र में छात्रों को मोबाइल फोन के दुष्प्रभावों तथा ऑनलाइन गेम्स के कुप्रभावों के प्रति जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सचिव भगवती सिंह ने कहा कि इन मुद्दों पर नियमित कार्यशालाएं और जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चे डिजिटल व्यसन से दूर रहें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। ‘नया सवेरा’ कार्यक्रम से जीवन मूल्यों पर संवाद अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ‘नया सवेरा’ कार्यक्रम के तहत शिक्षा अधिकारी विद्यालयों में दो दिनों तक प्रार्थना सभा के दौरान छात्रों से संवाद करेंगे। इस संवाद का विषय जीवन मूल्य, अनुशासन, कैरियर मार्गदर्शन और दैनिक दिनचर्या होगा। कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए अभिभावकों तथा पूर्व छात्रों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। श्री सिंह ने बताया कि इससे छात्र-छात्राओं को प्रेरणादायी अनुभव प्राप्त होगा। व्यावहारिक शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक और व्यावहारिक बनाने के लिए कैलेंडर में हैंड्स-ऑन एक्टिविटीज, एक्सपीरिएंशियल लर्निंग, वैज्ञानिक प्रयोग, गणितीय खेलों तथा प्रयोगशाला गतिविधियों को अनिवार्य किया गया है। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने हेतु सप्ताह में एक दिन योग और ध्यान सत्र आयोजित होंगे। सभी विद्यालयों में परिषद द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का ही पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, साइबर सुरक्षा जागरूकता के लिए प्रत्येक विद्यालय में साइबर क्लब का गठन अनिवार्य होगा। बालिकाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से ‘शक्ति मंच’ का भी गठन किया जाएगा, जहां वे नेतृत्व कौशल और आत्मरक्षा सीख सकेंगी।

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