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यूपी बोर्ड कक्षा 9-12 के छात्रों का जागरूकता शिविर:किताबों का सही रेट बताना है उद्देश्य, CBSE स्कूलों को निर्देश


                 यूपी बोर्ड कक्षा 9-12 के छात्रों का जागरूकता शिविर:किताबों का सही रेट बताना है उद्देश्य, CBSE स्कूलों को निर्देश

यूपी बोर्ड कक्षा 9-12 के छात्रों का जागरूकता शिविर:किताबों का सही रेट बताना है उद्देश्य, CBSE स्कूलों को निर्देश

यूपी बोर्ड के छात्रों और उनके अभिभावकों को एनसीईआरटी पुस्तकों के सही और निर्धारित रेट की जानकारी देने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। निजी स्तर पर किताबों की कीमतों को लेकर भ्रम की स्थिति को खत्म करने और अभिभावकों को जागरूक बनाने के लिए शनिवार को शाहगंज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में प्रदेश का पहला जागरूकता एवं विक्रय शिविर आयोजित किया गया। सुबह 9 बजे शुरू हुए इस शिविर में बड़ी संख्या में अभिभावक पहुंचे और किताबों के वास्तविक मूल्य की जानकारी ली। और बहुत बच्चों ने किताबें यहां से खरीदी भी। इस दौरान वह काफी संतुष्ट भी नजर आए शिविर का उद्घाटन JDE डॉ. मुकेश अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि यह शिविर विशेष रूप से यूपी बोर्ड के कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए लगाया गया है, ताकि उन्हें एनसीईआरटी पुस्तकों के सही और निर्धारित मूल्य की जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि शिविर में पुस्तकों की अधिकृत रेट सूची चस्पा की गई है, जिससे अभिभावक आसानी से यह जान सकें कि किताबों का वास्तविक मूल्य क्या है। विभाग का उद्देश्य है कि बाजार में भी यही दरें लागू रहें। यदि कहीं अधिक कीमत पर किताबें बेची जाती हैं, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मुकेश अग्रवाल ने कहा कि यह केवल विक्रय शिविर नहीं, बल्कि एक जागरूकता अभियान है। खास बात यह है कि प्रदेश में इस तरह का यह पहला शिविर है, जिसकी शुरुआत शाहगंज (आगरा) से की गई है। आगे इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है। वहीं, जीआईसी शाहगंज के प्रधानाचार्य मनवेंद्र ने कहा कि यह माध्यमिक शिक्षा परिषद की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य अभिभावकों और छात्रों को जागरूक करना है, ताकि वे किताबों के सही मूल्य को समझ सकें और अनावश्यक अतिरिक्त खर्च से बच सकें। उन्होंने बताया कि जूनियर कक्षाओं की एनसीईआरटी पुस्तकें भी उपलब्ध हैं और सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल एनसीईआरटी की किताबें ही लागू करें। यदि कोई स्कूल इसका पालन नहीं करता है, तो अभिभावक इसकी शिकायत विभाग से कर सकते हैं। डॉ. मुकेश अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि CBSE से संबद्ध स्कूल यदि अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव बनाते हैं या किसी तय दुकान से ही पुस्तकें लेने के लिए कहते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। शिविर में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने पहुंचकर पुस्तकों के रेट की जानकारी ली और निर्धारित मूल्य पर किताबें खरीदीं। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से अभिभावकों में जागरूकता बढ़ेगी और उन्हें सही मूल्य पर पुस्तकें उपलब्ध हो सकेंगी।


Source: Dainik Bhaskar via DNI News

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