प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़े कई बड़े फैसले शामिल हैं। हेरिटेज भवनों के संरक्षण, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण और दुबग्गा फ्लाईओवर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिलने से राजधानी के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
रोशनउद्दौला और छतर मंजिल का होगा हेरिटेज विकास
कैबिनेट ने लखनऊ के ऐतिहासिक भवन रोशनउद्दौला और छतर मंजिल को हेरिटेज पर्यटन इकाइयों के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इन भवनों को पीपीपी मॉडल के तहत ‘एडाप्टिव री-यूज’ के जरिए विकसित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित नजूल भूमि को पर्यटन विभाग के नाम निःशुल्क हस्तांतरित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इन ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है।
1435 करोड़ की लागत से बनेगा इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर
राजधानी के वृंदावन योजना सेक्टर-15 में इंटरनेशनल एग्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की संशोधित लागत 1435.25 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जो पहले 1297.42 करोड़ रुपये थी।
ईपीसी मोड पर बनने वाले इस सेंटर में 10 हजार लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल और 2500 लोगों की क्षमता का ऑडिटोरियम होगा। इसे बड़े और छोटे दोनों प्रकार के आयोजनों के लिए उपयोगी बनाया जाएगा।
बड़े आयोजनों और डिफेंस एक्सपो के लिए विशेष सुविधा
प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर में वृहद पार्किंग, उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के विशेष प्रबंध किए जाएंगे। यहां एक साथ 5000 लोगों के भोजन और जलपान की व्यवस्था भी होगी।
साथ ही डिफेंस एक्सपो जैसे आयोजनों के लिए टैंक और तोप जैसे भारी उपकरणों के प्रदर्शन की सुविधा भी विकसित की जाएगी। आगंतुकों की सुविधा के लिए पास में 5 स्टार और बजट होटल का भी प्रावधान रखा गया है।
दुबग्गा चौराहे पर 3 लेन फ्लाईओवर को मंजूरी
कैबिनेट ने लखनऊ-हरदोई मार्ग पर दुबग्गा चौराहा पर 1811.72 मीटर लंबे 3 लेन फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर लगभग 305.31 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
दुबग्गा चौराहा राजधानी का प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन है, जहां कानपुर बाईपास, हरदोई, सीतापुर, मलिहाबाद और अन्य मार्गों से आने-जाने वाले वाहनों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
जाम से राहत, समय और ईंधन की होगी बचत
फ्लाईओवर के निर्माण से दुबग्गा चौराहे पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। इससे यात्रा समय कम होगा, ईंधन की खपत घटेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। यह परियोजना राजधानी के ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

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