यूपी के IAS रिंकू सिंह राही ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने लेटर में आरोप लगाया कि संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम चल रहा है। उन्हें वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का अवसर नहीं मिल रहा था। हालांकि, इस्तीफे को उन्होंने नैतिक निर्णय बताया। रिंकू सिंह 2022 बैच के IAS रिंकू सिंह हैं।
जानिए कौन हैं रिंकू सिंह राही… भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर 7 गोलियां मारी गई थीं
रिंकू सिंह राही का जन्म हाथरस में हुआ था। इन्होंने इंटर तक की पढ़ाई की है। फिर बीटेक जमशेदपुर से किया। 2004 में पीसीएस क्लियर कर 2008 में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात हुए। जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर पहली पोस्टिंग मुजफ्फरनगर में हुई। यहां पोस्टिंग के दौरान उन्होंने स्कॉलरशिप और पेंशन में भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। उस समय बसपा सरकार थी। 26 मार्च, 2009 को वह एक सहकर्मी के साथ बैडमिंटन खेल रहे थे तो उन पर दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। रिंकू राही को सात गोलियां लगीं, जिनमें से दो उनके चेहरे पर लगी थीं। उनका जबड़ा बाहर आ गया और चेहरा बिगड़ गया था। इसके साथ ही एक कान खराब हो गया और एक आंख की रोशनी चली गई। एक महीने अस्पताल में भर्ती रहे, धरना दिया था
इस हमले के बाद रिंकू को हायर सेंटर मेरठ ले जाया गया। करीब एक महीने सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ में भर्ती रहे। ऑपरेशन के बाद वह ठीक होकर लौटे। इसके बाद घोटाला के खुलासे के लिए रिंकू ने RTI के तहत विभाग से कुछ सूचनाएं मांगी थीं, लेकिन एक साल बाद भी सूचनाएं नहीं दी गईं। 26 मार्च, 2012 को रिंकू राही ने लखनऊ निदेशालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया था। पुलिस ने रिंकू राही को वहां से उठाकर मेंटल हास्पिटल लखनऊ भेज दिया था। हालांकि बाद में उन्हें राहत मिल गई थी। दिव्यांग कोटे से यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा दी
IAS अफसर रिंकू सिंह राही ने दिव्यांग कोटे से यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा दी थी। 2021 में 683वीं रैंक से उन्होंने परीक्षा पास की थी। वह 2022 बैच यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कोचिंगों के 24 अभ्यर्थी सफल हुए थे। उनमें रिंकू सिंह भी शामिल थे। वह हाथरस के रहने वाले हैं। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण रिंकू सिंह की पढ़ाई सरकारी स्कूल से पूरी हुई। अच्छे नंबरों से 12वीं पास करने के बाद उन्हें स्कॉलरशिप मिली। जिसकी मदद से उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट से बीटेक किया। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है….

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