यूपी के 1.86 लाख शिक्षक अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) दे सकेंगे। मंगलवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग ने यूपीटेट के विज्ञापन और निर्देश पुस्तिका में तीन बड़े संशोधन किए हैं। इन संशोधनों के बाद बीएड पास अभ्यर्थी सिर्फ उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए ही शिक्षक पात्रता परीक्षा ही दे सकेंगे। वे प्राथमिक (1 से 5) के लिए अब पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा बीएड/बीटीसी में अध्ययनरत छात्र भी अब इस परीक्षा में बैठ सकेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 20 मार्च को प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक) की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किया था। यूपी में ये परीक्षा चार साल बाद होने जा रही है। इस बार की परीक्षा में 15 से 20 लाख आवेदकों के शामिल होने का अनुमान है। इसमें प्रदेश के 1.86 लाख प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय के टीचर भी शामिल हैं, जो अब तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। हालांकि इन टीचरों में 50 हजार ऐसे शिक्षक भी थे, जो टीईटी की परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं रखते हैं। इन शिक्षकों के सामने संकट ये है कि सितंबर 2027 से पहले उन्होंने टीईटी पास नहीं किया तो उनकी नौकरी छिन जाएगी। दैनिक भास्कर ने 23 मार्च को “यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर ‘संकट’: शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें टीईटी परीक्षा के लिए अपात्र 50 हजार शिक्षकों के दर्द को प्रमुखता से उठाया था। अब मंगलवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग ने तीन संशोधनों के माध्यम से इन 50 हजार शिक्षकों को भी टीईटी परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया है। आयोग ने ये तीन महत्वपूर्ण संशोधन किए तीन से चार लाख आवेदकों को बड़ी राहत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री शिवशंकर सिंह ने बताया कि आयोग के तीन बड़े संशोधनों से टीईटी के लिए अपात्र 50 हजार सहायक अध्यापकों के साथ ही तीन से चार लाख उन अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिली है, जो अभी बीएड या बीटीसी में प्रवेश लिए होंगे। ——————— ये खबर भी पढ़ें- यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर ‘संकट’:TET परीक्षा दें या फिर SIR और जनगणना के टारगेट पूरे करें यूपी में 1.86 लाख शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं हैं। ये शिक्षक प्राथमिक (कक्षा 1 से 5 तक) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8 तक) विद्यालयों के हैं। इनमें 50 हजार तो ऐसे हैं, जो न्यूनतम योग्यता न होने के कारण परीक्षा में बैठ भी नहीं सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने के लिए सितंबर, 2027 की समय सीमा तय कर रखी है। ऐसे में यूपी में चार साल बाद जुलाई में होने वाली UPTET-2026 शिक्षकों के लिए एक बड़ा मौका है। मुश्किल ये है कि SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की गुत्थी में उलझे इन शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है कि मई में होने वाले राष्ट्रीय जनगणना की ड्यूटी के बीच वे परीक्षा की तैयारी कब करेंगे? परीक्षा का शेड्यूल क्या है, शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना क्यों जरूरी है? सेवा चयन आयोग ने यूपी टीईटी में शिक्षकों के लिए क्या शर्तें जोड़ी हैं? शिक्षक संघ क्यों 2011 से पहले कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य किए जा चुके टीईटी का विरोध कर रहे हैं? पढ़िए ये रिपोर्ट…

Leave a Reply