उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा अपने परिवार के साथ संभल के कल्कि नगरी तीर्थ स्थलों के दर्शन करने पहुंचे। उनके इस कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट पर रहे। मिश्रा ने श्री कल्कि मंदिर, मणिकर्णिका तीर्थ का दर्शन किया और सत्यव्रत पुलिस चौकी से विवादित धार्मिक स्थल का भी अवलोकन किया। रविवार सुबह 10 बजे, मिश्रा ने संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर में परिवार सहित दर्शन किए। उन्होंने यहां लगभग 40 मिनट का समय बिताया। इसके बाद वे 68 तीर्थों और 19 कूपों में शामिल आलम सराय देहात स्थित चतुर्मुख कूप और मणिकर्णिका तीर्थ पहुंचे। इन दोनों स्थानों पर उन्होंने करीब डेढ़ घंटे का समय बिताया। उनके साथ मीरा मिश्रा और राजन बांदेलकर सहित कई अन्य लोग मौजूद थे। उन्होंने चतुर्मुख कूप पर भगवान श्री विष्णु के 10 अवतारों की दीवार पर उभरी पेंटिंग के साथ सेल्फी भी ली। पूर्व मुख्य सचिव ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण तिवारी से कहा कि यह स्थान बहुत अच्छा बना है, लेकिन लोगों को घर की पूजा सामग्री या अन्य सामान यहां डालने से रोकने के लिए अभियान चलाया जाना चाहिए, क्योंकि यहां साफ-सफाई बनाए रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने मणिकर्णिका तीर्थ के व्यवस्थापक माधव मिश्रा एडवोकेट से मुलाकात कर मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को समझा और मनोकामना तीर्थ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्राचीन कुंड के बारे में जानकारी ली। इसके बाद, मिश्रा सत्यव्रत पुलिस चौकी पहुंचे, जो विवादित धार्मिक स्थल शाही जामा मस्जिद बनाम श्री हरि मंदिर के ठीक सामने 24 नवंबर 2024 के बाद बनाई गई थी। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के रथ और श्लोक के साथ बनाई गई पत्थर की सत्यव्रत पेंटिंग देखी और परिवार के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया, जहां शहर के विभिन्न हिस्सों की लाइव लोकेशन दिख रही थी। पहली मंजिल पर जाकर, उन्होंने परिवार के साथ उस विवादित धार्मिक स्थल को देखा, जिसे लेकर संभल में 24 नवंबर 2024 को बवाल हुआ था और तब से यह चर्चा का विषय बना हुआ है।

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