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यूजीसी एक्ट की बहाली तक आंदोलन का ऐलान:प्रयागराज में अंबेडकर प्रतिमा के पास हक की आवाज बुलंद करते रहेंगे
यूजीसी एक्ट बचाओ समता आंदोलन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर डॉ. अंबेडकर प्रतिमा के पास शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से हक की आवाज बुलंद की गई। शिक्षण संस्थानों में होने वाले जातिगत भेदभाव और जातीय उत्पीड़न के खिलाफ, यूजीसी एक्ट 2026 के समर्थन में सामाजिक न्याय के लिए जुटे लोगों ने अपनी बात रखी। इस मौके पर अधिवक्ता धीरेंद्र यादव ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 बहाली की लड़ाई सामाजिक न्याय की लड़ाई बन गई है। एक्ट केंद्र सरकार की कृपा से नही मिला है, बल्कि रोहित बेमुला, डॉ पायल तांडवी, दर्शन सोलंकी, मुथुकृष्णन, रश्मि, पुलायला राजू, मदारी वेंकटेश, सेंथिल कुमार, फ़ातिमा लतीफ़, एंजेल चकमा जैसे हजारों छात्रों की शहादत से मिला। जनहित याचिकाओं से एक्ट बना वक्ताओं ने कहा कि रोहित बेमुला की मां राधिका बेमुला व पायल तांडवी की मां ओबेदा तांडवी की जनहित याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश व 31 सदस्यीय सर्वदलीय संसदीय कमेटी के सुझाव के बाद केन्द्र सरकार ने यह यूजीसी एक्ट बनाया है। केंद्र सरकार की ग़लत नीयत और कमजोर पैरवी से सुप्रीम कोर्ट ने स्थगनादेश दिया है। मुख्य रूप से अधिवक्ता नीरज कुशवाहा, बीएल सहनी, भास्कर पासवान, रामधारी, लाल चन्द्र यादव, विकेश्वर प्रसाद, मनोज यादव, ओम प्रकाश सिंह, जगत बहादुर यादव, रोशनलाल, आर के गौतम, मुलायम सिंह यादव, सचिन कुमार, दुलारे प्रसाद, अमरेंद्र यादव, अन्नू सिंह इत्यादी अधिवक्ताओं के साथ कई अवकाश प्राप्त अधिकारी, कर्मचारी, बुद्धजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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