सुलतानपुर में एक युवक की हत्या के मामले में पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) नवनीत सिंह ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में अग्रिम विवेचना का आदेश दिया है। यह आदेश मृतक के पिता की अर्जी पर दिया गया है। अधिवक्ता जितेंद्रनाथ मिश्र मन्नू के अनुसार, मोतिगरपुर थाने के मुड़हा ढेमा गांव निवासी हरीश के बेटे पवन कुमार को 17 नवंबर 2025 को गांव के सुरजीत कुमार, सतीश कुमार, सत्यम, शैलेंद्र कुमार और सिजय अपने साथ बुलाकर ले गए थे। उन्होंने खरसोमा में जन्मदिन पार्टी में शामिल होकर शाम को लौटने की बात कही थी। रात में पवन के वापस न लौटने पर उसके छोटे भाई अमन ने फोन पर जानकारी लेनी चाही, लेकिन कोई सूचना नहीं मिली। अगले दिन पवन के जिला अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिली, जहां उसकी मौत हो गई थी। मृतक के पिता हरीश ने सुरजीत कुमार, सतीश कुमार, सत्यम, शैलेंद्र कुमार और सिजय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपितों को क्लीनचिट देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। वादी मुकदमा हरीश ने कोर्ट में इस रिपोर्ट का विरोध किया। उनके अधिवक्ता जितेंद्र नाथ मिश्र और अतुलित प्रताप सिंह ने तर्क दिया कि पुलिस ने मामले में सही विवेचना नहीं की है और विवेचक ने सरसरी तौर पर जांच कर फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। इन दलीलों को सुनने के बाद सीजेएम ने गोसांईगंज एसओ को मामले में अग्रिम विवेचना करने का आदेश दिया है।

Leave a Reply