उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार की अदालत ने छह आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह घटना छह साल पहले हुई थी। शासकीय अधिवक्ता शिव किशोर ने बताया कि मृतक दुर्गेश गौतम (21) मुंबई में निजी नौकरी करता था। फरवरी 2020 में वह गांव आया था। खखरेरू के बेलाई गांव में एक बारात में शामिल होने के दौरान उसका कुछ लड़कों से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद वह मुंबई लौट गया था। लॉकडाउन से एक महीने पहले वह वापस गांव आया था। घटना 27 जून 2020 की है। तारापर गांव में लल्लू के घर पर छत की ढलाई का काम चल रहा था। बेलाई गांव से लल्लू के दो रिश्तेदार युवक वहां आए थे। दुर्गेश को पता चला कि यही वे युवक थे जिन्होंने बारात में उसकी बेइज्जती की थी। बदला लेने के इरादे से दुर्गेश अपने साथियों के साथ लल्लू के घर पहुंच गया। दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो जल्द ही लाठी-डंडे और पथराव में बदल गया। इस दौरान भगदड़ मच गई। लल्लू पक्ष के लोगों ने दुर्गेश को बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर दुर्गेश के परिजन मौके पर पहुंचे और उसे हरदों सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई राजेश कुमार ने खखरेरू थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर छेदीलाल उर्फ छेदू, मोहित, माताबदल उर्फ लल्लू, सुरेंद्र, सुभाष और कल्लू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।

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