संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद शहर में ईद-उल-फितर की सबसे बड़ी नमाज मौसम की वजह से ईदगाह पर निरस्त कर दी गई। इसके चलते शनिवार सुबह 7 बजे नमाजियों ने ईदगाह के बजाय शहर की विभिन्न मस्जिदों में बारी-बारी से नमाज अदा की। ईदगाह पर नमाज के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं और टेंट भी लगाए गए थे। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बारिश का असर मस्जिदों में भी दिखाई दिया। लोगों ने बारिश में भीगते हुए नमाज पढ़ी और बाद में एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी, जिससे आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने विभिन्न स्थानों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। मस्जिदों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था। सपा के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक अब्दुल कलाम ने भी लोगों को गले लगाकर ईद की बधाई दी। खलीलाबाद नगर पालिका परिषद के चेयरमैन जगत जायसवाल ने नमाजियों से मिलकर शुभकामनाएं दीं और नगर पालिका द्वारा की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। दिन भर लोगों के मिलने-जुलने का सिलसिला जारी रहा। रोजेदारों के चेहरों पर अल्लाह की नेमतों की खुशी और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने का भाव स्पष्ट दिख रहा था। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी। साहिल खान ने बताया कि हर साल हजारों लोग ईदगाह पर नमाज अदा करते थे, लेकिन इस बार मौसम के कारण नूरी मस्जिद, जामा मस्जिद और सुन्नी जामा मस्जिद में नमाज पढ़ी गई।

Leave a Reply