‘मोहन भागवत को शादी कर बच्चे पैदा करने चाहिए’:बरेली में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बोले- लोग कहते हैं मैं विपक्ष के साथ खड़ा हूं
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‘मोहन भागवत को शादी कर बच्चे पैदा करने चाहिए’:बरेली में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बोले- लोग कहते हैं मैं विपक्ष के साथ खड़ा हूं
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा-आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि हिंदुओं को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। मैं उनसे पूछना चाहता हूं वे हिन्दुओं को जनसंख्या बढ़ाने की बात करते हैं लेकिन खुद नहीं कर लेते। दूसरों को सलाह देने के बजाय खुद विवाह करके बच्चे पैदा क्यों नहीं करते। सत्ता पक्ष कहता है कि हम विपक्ष के साथ हैं तो मैं उनसे कहना चाहता हूं आप हमारी बात सुने। गौ माता की रक्षा के लिए कानून बनाए हम आपके साथ खड़े हो जाएंगे। मैं पक्ष-विपक्ष किसी के साथ नहीं हूं। जो भी हमारी बात सुनेगा। हम उसके साथ खड़े होंगे। भारत शुरू से गुट निरपेक्ष देश रहा है। भारत कभी भी युद्ध में किसी के साथ खड़ा हुआ नहीं दिखाई दिया है। ये पहला अवसर है जब प्रधानमंत्री जी के मौन के कारण लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि वे शायद किसी के पक्ष में खड़े हैं। उनसे मिले हुए हैं। आखिर यहूदियों के साथ हमारा ऐसा कौन सा संबंध है कि हम उनके इतने निकट जा रहे हैं। ये बातें अविमुक्तेश्वरानंद ने बरेली में कही। वह यहां देवभूमि इंडस्टि्रयल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। अमेरिका-इजरायल युद्ध पर विद्वानों को चुप होते देख हैरान हूं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- जब युद्ध होता है तो उसमें हमेशा दो पक्ष होते हैं उसमें एक पक्ष न्याय और दूसरा अन्याय का होता है। जैसे आज एक पक्ष अमेरिका और इजरायल तो दूसरा ईरान है। इनमें न्याय कौन कर रहा है और अन्याय कर रहा है। आश्चर्य है कि पूरी दुनिया के विद्वान इस मुद्दे पर मौन हैं। ये मानवता के प्रति अपराध है। आप विद्वान इसलिए बने हैं ताकि जनता के सामने साफ- साफ अपनी बात रखें। ये न्याय है और ये अन्याय है उसके समर्थन में उन्हें खड़ा होना चाहिए। लेकिन आज ऐसा होते नहीं दिख रहा। मैं विश्व के विद्वानों से अपील करूंगा कि वे सामने आए और बताये कि कौन न्याय के पथ पर है और कौन अन्याय के पथ पर। ताकि जनता को मालूम हो सके कौन सही और और कौन गलत। युद्ध में हमेशा दोनों पक्ष सही नहीं हो सकते, एक हमेशा गलत होता है स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- अमेरिका- इजरायल और ईरान युद्ध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का का क्या रिएक्शन रहा। इस पर मैं कुछ भी नहीं कहना चाहूंगा। लेकिन एक विद्वान का ये दायित्व होता है कि उसे बताना चाहिए कि ये व्यक्ति अन्याय कर रहा है और ये व्यक्ति अन्याय सह रहा है। क्योंकि युद्ध में दोनों अच्छे पक्ष नहीं हो सकते है। अगर लड़ रहे हैं तो इसका मतलब एक पक्ष गलत है। प्रधानमंत्री के मौन से लोग संदेह कर रहे वो युद्ध में एक पक्ष के साथ खड़े हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- भारत शुरू से गुट निरपेक्ष देश रहा है। भारत कभी भी युद्ध में किसी के साथ खड़ा हुआ नहीं दिखाई दिया है। ये पहला अवसर है जब प्रधानमंत्री जी के मौन के कारण लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि वे शायद किसी के पक्ष में खड़े हैं। उनसे मिले हुए हैं। भारत यहूदियों के जाल में फंस रहा है स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- प्रधानमंत्री खुलकर यहूदियों के पक्ष में हैं। यह बात हमें चिंता में डालती है। क्या भारत यहूदियों के जाल में फंस रहा है? युद्ध की वजह से गैस सिलेंडर 5000 रुपये तक के बोझ तले दब रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इसका अहसास नहीं है क्योंकि उनके आवास पर न बिजली जाती है और न राशन की कमी होती है। उनके लिए तो सब चंगा है, लेकिन जनता त्रस्त है। मोहन भागवत खुद विवाह करें और बच्चे पैदा करें
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- एक तरफ सरकार कहती है कि जनसंख्या विस्फोट हो रहा है। दूसरी तरफ संघ कहता है कि बच्चे ज्यादा पैदा करो। आपके जितने प्रचारक हैं, सब विवाह करें। मोहन भागवत जी भी विवाह करें। जब आप ब्रह्मचारी नहीं हैं-जैसा कि आपके नेताओं ने खुद कहा है-तो आप कुंवारे क्यों रह रहे हैं? दूसरों को सलाह देने के बजाय खुद विवाह करके बच्चे पैदा क्यों नहीं करते? जो भी मेरी बात सुनेगा मौन उसके साथ खड़ा रहूंगा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- सत्ता पक्ष के लोग मेरे ऊपर आरोप लगाते हैं कि मैं विपक्ष के साथ हूं। जबकि ये सच नहीं है। मैं किसी के साथ नहीं हूं। जो भी मेरी बात सुनेगा। मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा। मैंने सरकार को भी भी गो माता के मुद्दे पर कानून लाने के लिए मोहलत दी थी। लेकिन मेरी बातों को नहीं सुना गया। मैं विपक्ष के नेताओं से भी कहूंगा कि गो माता के मुद्दे पर वोट करने के लिए लोगों को प्रेरित करे। गो माता की रक्षा के मुद्दे पर वोट करे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा-मैं जनता से कहना चाहूंगा कि वे गो माता की रक्षा के मुद्दे पर वोट करे। जैसे ही चुनाव नजदीक आएगा लव जिहाद- धर्मांतरण जैसे तमाम मुद्दे ध्यान भटकाने के लिए सामने लाये जाएंगे। लेकिन जनता को डायवर्ट नहीं होना है। उन्हें सिर्फ अपने मुद्दों पर ही वोट करना है। उनके सामने ढेर सारे मुद्दे हैं लेकिन उन्हें सबसे पहले गो माता की रक्षा के मुद्दे पर वोट करना है। हिंदू धर्म में गो माता का बड़ा महत्व है। जब भी हिन्दुओं के घरों में रोटी बनती है तो पहली रोटी गो माता को ही खिलाई जाती है। समिति के निवेदन पर बरेली आया स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- हम वाराणसी से चलकर दिल्ली होते हुए ऋषिकेश जा रहे हैं। भगवान बद्रीनाथ जी का ग्रीष्मकालीन पट खुलने वाला है। उसके लिए परंपरा के अनुसार जो ज्योति के तेल का घड़ा है। वह राज परिवार की तरफ से ऋषिकेश आया है। अब ऋषिकेश से 8 तारीख को उसको बद्रीनाथ जी के लिए ज्योर्तिमठ होते हुए रवाना किया जाएगा। ये परंपरा है। इस बार जो समिति है उन्होंने हमसे निवेदन किया था कि कि आप आइये। हम उसके लिए जा रहे हैं। जाते समय हमारे मन में यह बात आई की बरेली धर्म नगरी है। यहां के विद्वानों ने जिस तरह से सनातन धर्म के प्रति लोगों को सदा से जोड़ रखा है। बो हमें अच्छा लगता है। इसलिए हम बरेली में रुके हैं। ये खबर भी पढ़ें… काशी में योगी ने फिल्म धुरंधर की तारीफ की; कहा- अब फिल्मों में ‘डकैत’ दिखाए जा रहे, MP के सीएम ने गिफ्ट की वैदिक घड़ी सीएम योगी ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ की। मौका था, काशी में शुक्रवार को चल रहे विक्रमोत्सव 2026 के महानाट्य मंचन का। योगी ने कहा- आज की फिल्मों में ‘डकैतों’ को दिखाया जा रहा है। आज की फिल्में बदली हैं। पहले तो सही को गलत और गलत को सही दिखाया जा रहा था। अब सही को सही दिखाया जा रहा है। पढ़िए पूरी खबर
Source: Dainik Bhaskar via DNI News
