गोंडा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में 2 मार्च को मोरंग व्यवसायी अंकित कुमार यादव का अपहरण हुआ था। फरार तीन आरोपियों में अजीत पांडेय, दिलीप ठाकुर और अनूप दुबे शामिल हैं। उनकी गिरफ्तारी न होने से अंकित के परिवार में दहशत का माहौल है। परिवार ने पुलिस से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस के अनुसार, विकास मिश्रा ने अंकित यादव को थार गाड़ी खरीदने की खुशी में पार्टी देने का बहाना बनाकर अपने साथ लिया। परशुरामपुर बस्ती पहुंचते ही सौरभ दुबे, आशुतोष पांडेय, अजीत पांडेय, दिलीप ठाकुर और अनूप दुबे ने मिलकर अंकित का अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने अंकित को 2 मार्च से 3 मार्च तक अपने कब्जे में रखा। उन्होंने 2 लाख रुपये लिए और अतिरिक्त 3 लाख रुपये की मांग की। मांग पूरी न होने पर 3 मार्च की देर शाम अंकित को छोड़कर फरार हो गए। आरोपियों ने बताया खुद को यूपी एसटीएफ अधिकारी अंकित यादव ने पुलिस को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने खुद को यूपी एसटीएफ के अधिकारी बताया। इस मामले में विकास मिश्रा, सौरभ दुबे और आशुतोष पांडेय को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। नवाबगंज थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। परिवार को सुरक्षा का आश्वासन अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन बंद होने के कारण गिरफ्तारी में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाना अध्यक्ष ने अंकित यादव के परिवार को पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिया है और कहा कि पुलिस पूरी तत्परता के साथ फरार आरोपियों को पकड़ने में लगी हुई है।

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