मैनपुरी में समाजवादी पार्टी (सपा) के किशनी विधायक ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कुर्रा थाना क्षेत्र में एक किसान की आत्महत्या के मामले से संबंधित है। विधायक ने चकबंदी अधिकारी पर मनमानी और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए, जिसके कारण किसान को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस मामले में ग्राम कुर्रा मौजा भीती, थाना कुर्रा, जनपद मैनपुरी की निवासी विपन उर्फ आरती ने शिकायत दर्ज कराई है। आरती के अनुसार, उनकी ग्राम पंचायत भौती, तहसील करहल में चकबंदी प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने और उनके पति, स्वर्गीय प्रदीप कुमार ने अपनी मूल जोत पर ही चक बनाने का अनुरोध किया था, जहाँ उनका पानी का बोरिंग इंजन लगा था और वे वर्षों से खेती कर रहे थे। हालांकि, चकबंदी कर्ता और सहायक चकबंदी अधिकारी ने उनकी मूल जोत पर चक न बनाकर उन्हें दूसरी जगह चक आवंटित कर दिया। यह आवंटित भूमि तालाब और ऊसर (बंजर) जमीन थी। आरती ने आरोप लगाया कि सहायक चकबंदी अधिकारी नरेंद्र कुमार वर्मा ने उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। रुपये देने से मना करने पर, नरेंद्र कुमार वर्मा कथित तौर पर गुस्से में आ गए और प्रदीप कुमार से कहा कि वे कुछ नहीं करा पाएंगे और कहीं जाकर मर जाएं। उन्होंने प्रदीप कुमार को दोबारा अपना चेहरा न दिखाने की धमकी भी दी। इस घटना से प्रदीप कुमार और आरती बेहद निराश होकर वापस लौट आए। अगले दिन, प्रदीप कुमार, प्रधान रामवीर और कुछ अन्य ग्रामवासियों के साथ दोबारा नरेंद्र कुमार वर्मा के पास गए। आरोप है कि अधिकारी ने फिर से प्रदीप कुमार के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें अपने कार्यालय से भगा दिया। इस अपमान और मानसिक प्रताड़ना के कारण प्रदीप कुमार का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। उन्होंने खाना-पीना छोड़ दिया और अंततः 12 मार्च, 2024 की रात अपने खेत पर आत्महत्या कर ली। दूसरी ओर, चकबंदी अधिकारी ने इन आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि ऐसा कोई भी वाकया सामने नहीं आया है और उन्होंने चकबंदी की भूमि के आवंटन में अपनी कोई राय नहीं दी।

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