किशनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम फरेंजी निवासी अतुल कुमार उर्फ रवि कठेरिया ने प्रदेश के पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आदेश के बावजूद मारपीट और लूटपाट के मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उन पर ही उल्टा मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 17 फरवरी 2026 को तहसील के अमीन विश्राम सिंह यादव व श्याम सिंह यादव समेत अन्य लोगों ने उनके घर पर पहुंचकर उनके व उनके पिता संतोष कठेरिया के साथ मारपीट, लूटपाट और जातिसूचक गाली-गलौज की थी। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने थानाध्यक्ष किशनी को लिखित शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि शिकायत देने के बाद लौटते समय तहसील के पास पुलिया पर आरोपियों ने दोबारा घेरकर मारपीट की और जेब में रखे जरूरी कागजात छीन लिए। साथ ही धमकी दी कि शिकायत करने का अंजाम भुगतना पड़ेगा। गंभीर आरोप यह भी है कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष की सुनवाई करने के बजाय 19 दिन बाद उल्टा उनके 76 वर्षीय पिता संतोष कठेरिया, जो रिटायर्ड प्रधानाचार्य हैं, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। इससे पूरा परिवार खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहा है। पीड़ित ने इस मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में उठाया, जहां 10 मार्च 2026 को आयोग ने आदेश जारी कर किशनी पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे को निरस्त करने और आरोपियों के खिलाफ मारपीट व लूटपाट का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से पीड़ित ने मंत्री जयवीर सिंह से हस्तक्षेप की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन को मजबूर होंगे।

Leave a Reply